देवघर कॉलेज: 75 वर्षों का रहा है समृद्ध इतिहास, अब हाल-बेहाल, शिक्षक कमें, छात्रों की उपस्थिति घटी

एसकेएमयू दुमका के अंतर्गत देवघर के तीन कॉलेजों में इंटरमीडिएट, स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा दी जा रही है. इन काॅलेजों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये संसाधनों व वेतन में खर्च किये जा रहे हैं. लेकिन, आज भी कॉलेजों में बुनियादी जरूरत के साथ-साथ वर्ग कक्ष में […]
लेकिन, वर्तमान हालात काफी अलग हैं. कॉलेज में पर्याप्त संसाधन के बावजूद वर्ग कक्ष में विद्यार्थियों की 75 फीसदी उपस्थिति आज भी सपना बना हुआ है. यहां आइए, आइएससी, आइकॉम सहित विज्ञान व कला स्नातक प्रतिष्ठा, लॉ, बीसीए, बीबीए, बैचलर इन लाइब्रेरी साइंस एंड इंफॉरमेशन आदि की पढ़ाई होती है. इसके लिए प्राध्यापकों के स्वीकृत पद 70 में 25 कार्यरत तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों के स्वीकृत 25 पद में से छह पद पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं. सेवा अवधि पूरा होने के बाद प्राध्यापक व कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उस अनुपात में प्राध्यापकों व कर्मचारियों की बहाली नहीं हो रहा है. लैब डेमोस्ट्रेटर (प्रयोगशाला प्रदर्शक) का पद रिक्त पड़ा है. नतीजा विद्यार्थियों को प्रयोगशाला से वंचित रहना पड़ता है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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