Energy Transition News : झारखंड का देवघर एयरपोर्ट सौर ऊर्जा से होगा रौशन, पीएम मोदी करेंगे उद्‌घाटन

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Energy Transition News : झारखंड का देवघर एयरपोर्ट सौर ऊर्जा से होगा रौशन, पीएम मोदी करेंगे उद्‌घाटन

झारखंड के नवनिर्मित देवघर एयरपोर्ट में सौर ऊर्जा से ही एयरपोर्ट को जगमग किया जायेगा. एयरपोर्ट में बिजली की तमाम जरूरत को पूरा करने के लिए सोलर प्लांट लगाया जा रहा है. जुलाई महीने से देवघर एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू हो जायेगी.

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जलवायु परिवर्तन के खतरे को देखते सरकार एनर्जी ट्रांजिशन पर जोर दे रही है. ऐसे में रिन्यूबएल एनर्जी के रूप में सौर ऊर्जा का व्यापक स्तर पर प्रयोग देश में बढ़ाया जा रहा है. गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में सौर ऊर्जा का प्रयोग ना सिर्फ घरों और कार्यालयों को रौशन करने में हो रहा है, बल्कि यहां खेती कार्यों में भी सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया जा रहा है.

ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करना लक्ष्य

विश्व पर्यावरण के दिवस पर यह घोषणा की गयी है कि ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन को कम करने के लिए इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर ई-व्हिकल की संख्या बढ़ाई जायेगी. 62 बैटरी संचालित गाड़ियों को उपयोग में लाने की घोषणा हुई है, झारखंड के नवनिर्मित देवघर एयरपोर्ट में सौर ऊर्जा से ही एयरपोर्ट को जगमग किया जायेगा. एयरपोर्ट में बिजली की तमाम जरूरत को पूरा करने के लिए सोलर प्लांट लगाया जा रहा है. जुलाई महीने से देवघर एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू हो जायेगी.

सोलर लाइट से रौशन होगा देवघर एयरपोर्ट

जेरेडा (Jharkhand Renewable Energy Development Agency ) के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि देवघर में 600 केवी का पावर प्लांट बन रहा है, जल्दी ही यह पावर प्लांट बनकर तैयार हो जायेगा और एयरपोर्ट के उद़घाटन के बाद यहां की बिजली की जरूरत को यह पावर प्लांट पूरी करेगा. इसके अलावा एयरपोर्ट रोड भी सौर ऊर्जा से ही रौशन होगा. मुकेश कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट रोड में कुल 28 सोलर लाइट लगाने का काम जेरेडा को सौंपा गया है. हालांकि अभी यह काम पूरा होने में कुछ समय लगेगा, लेकिन जेरेडा युद्ध स्तर पर काम करके इसे पूरा कर देगा. देवघर एयरपोर्ट में रूफटाॅप सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है. जेरेडा ने देवघर में कई कार्यालयों को भी रूफटाॅप सोलर पावर प्लांट से रौशन किया है और यहां बिजली की सौ फीसदी जरूरतों को इन्हीं सोलर पावर प्लांट के जरिये पूरा किया जा रहा है.

इसके साथ ही सरकारी घोषणा के अनुसार देश के सभी एयरपोर्ट पर बैटरी संचालित गाड़ियों के परिचालन की घोषणा की गयी है. ऐसे में यह संभव है कि देवघर में भी बैटरी संचालित गाड़ियां ही चलायी जाये,ताकि यह एयरपोर्ट पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हो और कम से कम ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन करे.

झारखंड के अन्य एयरपोर्ट पर भी सौर ऊर्जा को दिया जायेगा बढ़ावा

झारखंड के अन्य एयरपोर्ट पर भी सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है और संभव है कि निकट भविष्य में झारखंड के सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू एयरपोर्ट सौर ऊर्जा से जगमग हों. यह जलवायु परिवर्तन के लिए बेहतर संकेत है.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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