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देवघर : बाबा मंदिर प्रशासन ने शुरू की महाशिवरात्रि की तैयारी, 29 फरवरी से खोले जायेंगे मंदिरों के पंचशूल

Updated at : 28 Feb 2024 4:26 PM (IST)
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महाशिवरात्रि से पहले उतारे जाएंगे बाबा मंदिर के पंचशूल.

महाशिवरात्रि के पूर्व देवघर स्थित बाबा मंदिर सहित परिसर में स्थित अन्य मंदिरों के शिखर पर लगे पंचशूल को खोल कर साफ करने तथा पूजा करने की परंपरा रही है. इसके लिए भी तिथि तथा मुहूर्त के अनुसार पंचशूल उतारा जाता है.

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देवघर, संजीव मिश्रा : बाबा मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारी मंदिर प्रशासन की ओर से जोर-शोर से शुरू कर दी गयी है. भक्तों को सुलभ जलार्पण कराने व भीड़ नियंत्रण के लिए मंथन चल रहा है. महाशिवरात्रि के पूर्व देवघर स्थित बाबा मंदिर सहित परिसर में स्थित अन्य मंदिरों के शिखर पर लगे पंचशूल को खोल कर साफ करने तथा पूजा करने की परंपरा रही है. इसके लिए भी तिथि तथा मुहूर्त के अनुसार पंचशूल उतारा जाता है.

कल से शुरू होगी पंचशूल को खोलने की परंपरा

बाबा मंदिर इस्टेट पुरोहित श्रीनाथ पंडित ने मंदिर प्रशासन को तिथि को लिखित रूप से उपलब्ध करा दिया है. पंडितजी के अनुसार, गुरुवार को भगवान गणेश के मंदिर से पंचशूल को खोलने की परंपरा शुरू की जायेगी. उसके बाद बारी-बारी से सभी मंदिरों के शिखर पर लगे पंचशूल खोले जायेंगे. पंचशूल खोलने की परंपरा भोला भंडारी के अगुवाई में मंदिर में कार्यरत भंडारी के द्वारा किया जायेगा. उसके बाद मंदिर प्रशासनिक भवन में इसकी सफाई की जायेगी.

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6 मार्च को बाबा व माता पार्वती मंदिर के शिखर से उतरा जाएगा पंचशूल

वहीं छह मार्च को दोपहर तीन बजे के बाद बाबा व माता पार्वती मंदिर के शिखर से पंचशूल को एक साथ उतारा जायेगा. इसके पहले दोनों मंदिरों में लगे गठबंधन को खोला जायेगा. पंचशूल खाेलने के बाद बाबा व माता के मंदिर के पंचशूल का मिलन कराया जायेगा. इस दृश्य को देखने के लिए भारी संख्या में लोग मंदिर में मौजूद रहेंगे तथा पंचशूल को स्पर्श कर आशीर्वाद लेंगे.

सात मार्च को सभी पंचशूल की होगी विशेष पूजा

परंपरा के अनुसार, सात मार्च को राधाकृष्ण मंदिर के बरामदे पर सुबह सात बजे से सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा तांत्रिक विधि से बाबा बैद्यनाथ व मां पार्वती सहित सभी मंदिरों के पंचशूलों की विशेष पूजा कर आरती के साथ पूजा को संपन्न करेंगे. इसके बाद गणेश मंदिर से पंचशूल लगाने की परंपरा प्रारंभ होगी. वहीं बाबा व माता के मंदिर में पंचशूल चढ़ने के बाद सरदार पंडा पहला गठबंधन चढ़ा कर गठबंधन चढ़ाने की परंपरा शुरू करेंगे. आठ मार्च को महाशिवरात्रि को रात में चतुष्प्रहर पूजा का आयोजन किया जायेगा.

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बाबा मंदिर को जोड़ने वाले सभी संपर्क पथों को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील

महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के सुविधा व सुरक्षा को लेकर उपायुक्त विशाल सागर ने बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया.उपायुक्त ने अतिक्रमण की वजह श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा को देखते हुए बाबा मंदिर को जोड़ने वाले सभी संपर्क पथों को अतिक्रमण मुक्त रखने की अपील आम लोगों से की है, ताकि आपातकालीन स्थिति में अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस, पुलिस व मजिस्ट्रेट वाहनों का आवागमन सुगमता पूर्वक हो सके.

अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर होगी कार्रवाई

डीसी ने सभी को सहयोग करने का आग्रह किया. साथ ही अपील के पश्चात भी अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों व अन्य को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ बाध्य होकर जिला प्रशासन की ओर से आवश्यकता अनुसार कार्रवाई की जायेगी. मौके पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, बाबा मंदिर मुख्य प्रबंधक आदि उपस्थित थे.

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