26.1 C
Ranchi
Monday, March 4, 2024

BREAKING NEWS

Trending Tags:

बाबाधाम में नहीं दिखेगा चंद्रग्रहण का असर, सूतक काल में भी खुले रहेंगे मंदिर पट

द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर का गर्भ गृह सूतक काल में बंद नहीं होगा. यह परंपरा पहले से चलती आ रही है. चंद्र ग्रहण लगने के नौ घंटे पहले यानी शनिवार शाम 4 बजकर 5 मिनट से सूतक काल लग जायेगा. चंद्र ग्रहण रात 1 बजकर 5 मिनट पर शुरू होगा.

शनिवार की रात को आश्विन पूर्णिमा तिथि पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. वहीं शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नौ साल बाद लग रहा है. इस संबंध में ज्योतिषाचार्य प्रमोद श्रृंगारी ने बताया कि चंद्र ग्रहण के ठीक नौ घंटे पहले सूतक काल लगता है. इस दौरान भक्त आठ बजे तक मां लक्खी की पूजा कर चंद्रमा को खीर का भोग अर्पित कर सकते हैं. शरद पूर्णिमा पर 28 अक्तूबर यानी शनिवार की रात 1:05 बजे से लेकर 2:23 बजे तक चंद्र ग्रहण लगेगा. श्री शृंगारी ने बताया कि सूतक काल में बाबा मंदिर का पट बंद नहीं होता है. यहां सिर्फ ग्रहण काल में ही बाबा बैद्यनाथ के गर्भ गृह का पट बंद होता है. ऐसे में रात में चंद्र ग्रहण लगने से बाबा मंदिर में इसका असर नहीं दिखेगा.


चंद्रग्रहण के सूतक में नहीं बंद होंगे बाबा मंदिर के पट, होगी शृंगार पूजा

द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर, देवघर का गर्भ गृह सूतक काल में बंद नहीं होगा. यह परंपरा पहले से चलती आ रही है. यहां के पुजारी इसी परंपरा को निभाते आ रहे हैं. सिर्फ ग्रहण काल में ही बाबा भोलेनाथ को स्पर्श करना अशुभ माना जाता है, इसलिए मंदिर में ग्रहण कल में ही गर्भ गृह में प्रवेश व पूजा पाठ निषेध माना गया है. ऐसे में देर शाम में बाबा की शृंगार पूजा आम दिनों की तरह ही की जायेगी.

चंद्रग्रहण कितने बजे से है 

भारतीय समय अनुसार चंद्र ग्रहण लगने के नौ घंटे पहले यानी शनिवार शाम 4 बजकर 5 मिनट से सूतक काल लग जायेगा. वहीं चंद्र ग्रहण रात 1 बजकर 5 मिनट पर शुरू होगा और रात में 2 बजकर 23 मिनट तक ग्रहण रहेगा. यानी कुल एक घंटा 18 मिनट तक ग्रहण रहेगा.

बाबा मंदिर में लगा भक्तों का तांता

बाबा मंदिर में फिर से भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी है. शुक्रवार को मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा. मंदिर का पट खुलने के पहले ही ओवरब्रिज भक्तों से भर गया था. वहीं शीघ्रदर्शनम कूपन वाले रास्ते में भी भक्तों को पूजा करने में करीब एक घंटे का समय लग रहा था. अत्यधिक भीड़ के कारण पट बंद होने तक कुल 4068 लोगों ने कूपन लेकर जलार्पण किये. इससे पहले मंदिर का पट तय समय सुबह चार बजे खुलने के बाद कांचा जल पूजा तथा करीब 45 मिनट तक सरदारी पूजा की गयी. इसके बाद आम भक्तों के लिए पट खोल दिया गया. अधिक भीड़ होने के कारण मंदिर का पट शाम पांच बजे बंद हुआ.

Also Read: देवघर एयरपोर्ट से बाबा मंदिर तक जलेंगी 700 सोलर लाइटें, ज्रेडा की टीम कर रही है काम

You May Like

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

अन्य खबरें