Chatra News: बाल विवाह के खिलाफ सिमरिया में बीडीओ की अनोखी पहल, ग्रामीणों को दिलाई शपथ

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 05 Jun 2026 3:16 PM

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ग्रामीणों को शपथ दिलाते और जागरूक करते प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद. फोटो: प्रभात खबर

Chatra News: चतरा के सिमरिया प्रखंड में बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ कार्यक्रम आयोजित किया. ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त गांव बनाने का संकल्प दिलाया गया. कार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी गई और समाज से इस कुरीति को रोकने की अपील की गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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चतरा से दीनबंधू और धर्मैद्र कुमार की रिपोर्ट

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त और जागरूकता आधारित पहल की है. प्रखंड के दुंदुआ गांव में बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद के नेतृत्व में बाल विवाह विरोधी शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराना और समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट करना था.

ग्रामीणों ने लिया बाल विवाह मुक्त गांव बनाने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद ने उपस्थित ग्रामीणों को शपथ दिलाई कि वे अपने परिवार, गांव और समाज में बाल विवाह नहीं होने देंगे तथा ऐसी किसी भी घटना की जानकारी प्रशासन को देंगे. उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन है और यह उनके स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है. ग्रामीणों ने भी सामूहिक रूप से अपने क्षेत्र को बाल विवाह मुक्त बनाने और इस संबंध में जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया.

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की दी जानकारी

बीडीओ ने कार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारत में बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसे रोकने के लिए सरकार ने सख्त कानूनी प्रावधान किए हैं. उन्होंने कहा कि बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने या उसे प्रोत्साहित करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. दोषी पाए जाने पर जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है.

सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील

अपने संबोधन में बीडीओ ने कहा कि बाल विवाह को रोकना केवल प्रशासन या कानून की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य को प्राथमिकता दें तथा कम उम्र में विवाह जैसी प्रथाओं से दूर रहें. उन्होंने कहा कि जागरूक समाज ही इस कुरीति को जड़ से समाप्त कर सकता है.

पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी

कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि सिमरिया क्षेत्र में पहले बाल विवाह के एक मामले में 50 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है. प्रशासन की सख्ती और लगातार जागरूकता अभियानों का असर अब क्षेत्र में दिखाई देने लगा है. कई गांवों में लोग स्वयं आगे आकर बाल विवाह रोकने में सहयोग कर रहे हैं.

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जागरूकता अभियान का दिख रहा असर

बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद द्वारा प्रखंड क्षेत्र में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण इलाकों में नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है और लोग बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं. कार्यक्रम में प्रमुख रोहन साहू, तेज नारायण प्रसाद सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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