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आदिवासियों के कारण पर्यावरण सुरक्षित व संरक्षित

Updated at : 09 Aug 2025 8:38 PM (IST)
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आदिवासियों के कारण पर्यावरण सुरक्षित व संरक्षित

प्रखंड के शायल बगीचा में शनिवार को केंद्रीय सरना समिति की ओर से विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

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कान्हाचट्टी. प्रखंड के शायल बगीचा में शनिवार को केंद्रीय सरना समिति की ओर से विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसका उदघाटन मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता ने द्वीप प्रज्वलित कर किया. समिति की ओर से पूर्व मंत्री व अन्य अतिथियों को झारखंडी अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया. यहां दो मिनट का मौन रख दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. पूर्व मंत्री श्री भोगता ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है. आदिवासी जल, जंगल, जमीन के संरक्षक हैं. आदिवासियों के मेहनत व संघर्ष का परिणाम है कि आज पर्यावरण सुरक्षित व संरक्षित है. इस संघर्ष को दिशोम गुरु ने आगे बढ़ाया है. गुरुजी के संघर्ष को उनके पुत्र हेमंत सोरेन आगे बढ़ा रहे हैं. आदिवासियों के अधिकारों को धरातल पर उतार रहे हैं. कार्यक्रम का संचालन समिति के प्रखंड अध्यक्ष सिकंदर खरवार व शिक्षक नरेश सिंह खरवार ने किया. मौके पर पूर्व मुखिया बैजनाथ सिंह भोगता, नरेश सिंह खरवार, धीरेंद्र सिंह, दशरथ भोगता, प्यारी सिंह भोगता, मुखिया छोटू सिंह, राजद किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष जगदीश दांगी, प्रखंड अध्यक्ष मोहम्मद शेरशाह, दिलीप उरांव,राँथ उरांव, संतोष सिंह खरवार, राजू सिंह खरवार, संगीता मुर्मू, श्यामदेव यादव समेत अन्य उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANUJ SINGH

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