Chatra: होमगार्ड वाहिनी की बैठक में बर्खास्त व्यक्ति को जिलाध्यक्ष बनाने पर उठाए सवाल

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चतरा का समादेष्टा कार्यालय.

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चतरा में होमगार्ड जवानों ने एक बैठक का बहिष्कार कर दिया, जिसमें रिश्वत के आरोप में बर्खास्त व्यक्ति को जिलाध्यक्ष बनाने पर सवाल उठाए गए. कार्यरत जवानों ने दूरी बनाई.

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चतरा. जिले में तथाकथित गृह रक्षा वाहिनी लोक सेवक संघ की ओर से आयोजित बैठक का कार्यरत होमगार्ड जवानों ने बहिष्कार किया. इस संबंध में झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बैठक और संघ की ओर से अनुज प्रधान को चतरा जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर आपत्ति जतायी है.

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रिश्वत लेने के मामले में एसीबी, हजारीबाग ने किया था गिरफ्तार

प्रमोद कुमार ने आरोप लगाया कि अनुज प्रधान पूर्व में होमगार्ड कार्यालय में मुंशी के रूप में कार्यरत थे. उनके अनुसार, कमान देने के एवज में रिश्वत लेने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), हजारीबाग की टीम ने 11 अक्टूबर 2023 को उन्हें गिरफ्तार किया था. उन्होंने दावा किया कि बाद में होमगार्ड विभाग की ओर से विभागीय कार्रवाई की गयी और उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया.

जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर उठाए सवाल

प्रमोद कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में विभागीय कार्रवाई और बर्खास्तगी का सामना कर चुके व्यक्ति को तथाकथित गृह रक्षा वाहिनी लोक सेवक संघ के महासचिव द्वारकानाथ दुबे की ओर से चतरा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिया जाना होमगार्ड जवानों के बीच सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन का उद्देश्य होमगार्ड जवानों के अधिकार, सम्मान और हितों की रक्षा करना होना चाहिए. उनके अनुसार, किसी व्यक्ति की सेवा पृष्ठभूमि और विभागीय रिकॉर्ड को ध्यान में रखे बिना महत्वपूर्ण पद दिया जाना जवानों के बीच गलत संदेश दे सकता है.

कार्यरत जवानों के बैठक से दूर रहने का दावा

प्रमोद कुमार ने दावा किया कि बैठक में चतरा जिले से केवल पांच लोग शामिल हुए, जिनमें विभाग से सेवानिवृत्त लोग भी शामिल थे. वहीं, जिले के कार्यरत होमगार्ड जवानों ने बैठक से दूरी बनाते हुए इसका बहिष्कार किया. उन्होंने कहा कि संगठन में किसी व्यक्ति को पद देने से पहले उसकी सेवा पृष्ठभूमि, विभागीय रिकॉर्ड और पूर्व में हुई कार्रवाई को ध्यान में रखा जाना चाहिए. उनके अनुसार, होमगार्ड जवान ऐसे किसी संगठन या व्यवस्था का समर्थन नहीं कर सकते, जिससे भ्रष्टाचार के प्रति गलत संदेश जाने की आशंका हो. बैठक का विरोध करने वालों में आशीष शेखर, वीरेंद्र कुमार, अनिकेत कुमार, अशोक कुमार, नगीना कुमार, संदीप कुमार, सोहन कुमार, रामलखन पाल समेत अन्य होमगार्ड जवान शामिल रहे.

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