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Jharkhand News :नौकरी के नाम पर दिल्ली में बेचा गया नाबालिग 11 साल बाद लौटा झारखंड, बोलता है फर्राटेदार पंजाबी

पीड़ित कागजी लागुरी ने बताया कि महिला मानव तस्कर तुलसी केराई ने उसे नौकरी दिलाने की बात कह कर वर्ष 2012 में दिल्ली ले जाकर बेच दिया था. वहां से हिमाचल फिर पंजाब के लुधियाना के बाद दिल्ली में काम किया.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
मानव तस्करी का शिकार कागजी लागुरी
मानव तस्करी का शिकार कागजी लागुरी
प्रभात खबर

Jharkhand News, चाईबासा न्यूज (सुनील सिन्हा) : भीख मांग-मांग कर साढ़े 11 साल बाद कागजी लागुरी घर पहुंचा है. महिला मानव तस्कर तुलसी केराई ने उसे रोजगार दिलाने के नाम पर दिल्ली में एक एजेंट को सौंप दिया था. किसी तरह वह घर लौट आया. वहीं शुक्रवार को जेटेया थाना पहुंचकर पीड़ित कागजी लागुरी ने आपबीती सुनाई. जेटेया पुलिस ने उसकी कोविड-19 जांच करवा कर बयान दर्ज कराया.

पीड़ित कागजी लागुरी ने बताया कि महिला मानव तस्कर तुलसी केराई ने उसे 7000 रूपये की नौकरी दिलाने की बात कह कर वर्ष 2012 में दिल्ली ले जाकर एक एजेंट को बेच दिया था. उसे वहां से हिमाचल में 11 महीने फिर पंजाब के लुधियाना में 7 साल व फिर वापसी में दिल्ली लाकर 2 साल काम करना पड़ा. लुधियाना और हिमाचल में होटलों में काम किया. 3000 रुपये मिलता था. यह पैसे भी एजेंट उससे छीन लेता था. वह किसी तरह भागने की तैयारी में लगा रहता था, लेकिन एजेंट हमेशा कहा करता था कि तेरे तरफ का कोई आदमी आयेगा तो तुम्हें घर भेज दिया जाएगा. ऐसा बोल कर ठग कर रोक लेता था.

इसी बीच वह किसी तरह भागकर वहां से निकला व इधर से पैसे मांग कर अपने घर लौट आया. जेटेया थाना प्रभारी वसुदेव टोप्पो ने बताया कि पीड़ित कागजी लागुरी को वर्ष 2012-13 में काम दिलाने के नाम पर बहला-फुसलाकर तुलसी केराई के द्वारा ले जाया गया था. उन्होंने बताया कि इस मामले के आरोपी तुलसी कराई को जेल भेजा जा चुका है. हो भाषा लगभग भूल चुका कागजी फर्राटेदार पंजाबी बोलता है.

कागजी ने पुलिस को बताया कि वह जिस भाषा-भाषी के लोगों के साथ रहता है, वैसा ही बन जाता है. हो भाषायी क्षेत्र को छोड़कर रोजगार की तलाश में किसी के बहकावे में आकर दिल्ली में बेचा गया कागजी अब अपनी ही हो भाषा कम और पंजाबी ज्यादा बोलने लगा है. वह करीब 7 साल तक पंजाब के लुधियाना में रहा और वहीं की भाषा सीख लिया व बोलने भी लगा. अब वह फर्राटेदार पंजाबी बोलता है. उसने कहा कि काफी समय वहां रहने के बाद मुझे पंजाबी अच्छी लगने लगी है और बोलने भी लगा हूं. हो भाषा भी समझता हूं, लेकिन पहले की अपेक्षा कम.

तुलसी ने जब कागजी लागुरी को दिल्ली पहुंचाया था, उस समय उसकी उम्र 15 साल की थी. वहीं जब वह घर लौटा तो उसकी उम्र 26 साल हो गयी है. फिलहाल नाबालिग बच्चों को बहला फुसलाकर दिल्ली भेजने वाली महिला तुलसी कराई को जेटेया पुलिस ने दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वह पुलिस की नजर में पिछले तीन साल से फरार चल रही थी. पुलिस के अनुसार, नरसिंहपुर निवासी तुलसी कराई जेटेया थाना क्षेत्र से भोली भाली लड़कियों और बच्चों को काम दिलाने के नाम पर दिल्ली, कोलकाता व मुंबई भेजती थी. इस मामले में नोवामुंडी थाने में तुलसी के खिलाफ मामला दर्ज है.

नोवामुंडी प्रखंड के उदाजो गांव के रामचरण लागुरी की शिकायत पर थाना कांड संख्या 6/19 के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. दर्ज मामले में बताया गया है कि तुलसी केराई उदाजो गांव से 6 नाबालिग बच्चों को दिल्ली काम कराने ले जाने के नाम पर बेच दी थी. एक माह के अंदर 5 बच्चे किसी तरह भागकर गांव लौट गए थे, लेकिन रामचरण लागुरी का बेटा कागजी लागुरी नहीं लौटा था. लिहाजा उसके पिता पिता ने जेटिया थाना में मामला दर्ज कराया था.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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