Chaibasa News : रेलवे बोनस पर सस्पेंस बरकरार, दुर्गा पूजा से पहले कर्मियों की नजरें सरकार पर टिकीं

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 10 Sep 2025 11:12 PM

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चक्रधरपुर. 18 हजार की मांग, लेकिन 7000 पर अटकेगा बोनस!

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चक्रधरपुर. दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन रेलवे कर्मचारियों को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन बोनस (पीएलबी) को लेकर अब तक घोषणा नहीं की गयी है. इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस वर्ष बोनस की राशि बढ़ेगी या पिछले वर्षों की तरह ही दी जाएगी. ऐसे में चक्रधरपुर सहित देशभर के रेलकर्मियों में बोनस को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी हैं. हर साल रेलवे में बोनस की घोषणा दुर्गा पूजा या दशहरा छुट्टियों से एक-दो दिन पहले की जाती है. इस बार 22 सितंबर तक बोनस की घोषणा होने की संभावना जतायी जा रही है.

बोनस पर निर्भर होता है चक्रधरपुर में दुर्गा पूजा उत्सव:

चक्रधरपुर मंडल में रेलकर्मियों का दुर्गापूजा उत्सव पूरी तरह बोनस पर निर्भर करता है.

बोनस की घोषणा के बाद ही पूजा पंडालों का बजट तय होता है और बाजारों में रौनक दिखायी देती है. लेकिन हर साल आखिरी समय पर बोनस की घोषणा होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों की तैयारियों पर असर पड़ता है. इस बार भी देरी की आशंका से रेलकर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है. रेलवे फेडरेशनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि नवरात्र शुरू होने से पहले ही बोनस की घोषणा की जाए, ताकि कर्मचारियों को योजना बनाने और खर्च करने में आसानी हो.

7000 की बेसिक सैलरी पर मिलेगा बोनस : शशि मिश्रा

दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के मंडल संयोजक शशि मिश्रा ने बताया कि बोनस को लेकर पहले ही एनएफआइआर ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री से आग्रह किया था कि 18,000 रुपये की न्यूनतम सैलरी के आधार पर बोनस का भुगतान किया जाए. लेकिन रेल मंत्री ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया. अतः इस बार भी 7000 रुपये की बेसिक सैलरी के आधार पर, दिनों की संख्या के अनुसार बोनस दिया जाएगा. अनुमान है कि कर्मचारियों को करीब 17,980 रुपये बोनस मिल सकता है.

7वें वेतन आयोग के अनुसार बोनस दिया जाये : एमके सिंह

दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन के मंडल संयोजक एमके सिंह ने कहा कि एआआरएफ हमेशा रेलकर्मियों के हितों की रक्षा में सक्रिय रही है. यूनियन ने मांग की है कि 7वें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये के अनुसार बोनस का भुगतान किया जाए. उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में जब 6वां वेतन आयोग लागू हुआ था, तब से 7000 रुपये के बेसिक पर बोनस मिल रहा है. 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू हो गया, लेकिन बोनस की गणना अब भी पुराने ढर्रे पर हो रही है. यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है.

रेलवे कर्मचारियों को उनका हक दे सरकार : चांद मोहम्मद

ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने बताया कि यूनियन ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को इस संबंध में मांगपत्र सौंपा है. इसमें 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम 18,000 रुपये के हिसाब से 46,176 रुपये बोनस देने की मांग की गयी है. उन्होंने कहा कि उत्पादन आधारित बोनस के लिए मजदूर संगठनों ने लंबे समय तक संघर्ष किया है. अब जबकि न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये हो चुका है, तो बोनस भी उसी के अनुरूप मिलना चाहिए. किसी भी हाल में कर्मचारियों के हक को मारा नहीं जाने दिया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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