Chaibasa News : सारंडा में मार्च से चल रहा नक्सल विरोधी अभियान, अभी भी जमे हैं 30-40 नक्सली

Published by : AKASH Updated At : 11 Oct 2025 11:09 PM

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पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान मार्च, 2025 से सारंडा में नक्सलियों के विरुद्ध व्यापक अभियान चल रहे हैं.

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चाईबासा.

पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान मार्च, 2025 से सारंडा में नक्सलियों के विरुद्ध व्यापक अभियान चल रहे हैं. पुलिस को कई बंकर आदि ध्वस्त करने और नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में सफलता मिली है. वहीं, सुरक्षा बलों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है. मार्च से अब तक की बात करें तो कई जवान शहीद हुए,जबकि कई घायल हुए हैं.

नक्सलियों के बिछाये

आइइडी से ग्रामीण व जानवरों की भी गयी जान

नक्सलियों के बिछाये गये आइइडी से ग्रामीण, पर्यावरण और वन्यजीवों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है. हाल में सारंडा क्षेत्र में तीन हाथी आइइडी विस्फोट की चपेट में आ गये थे. इनमें से दो की मौत हो गयी, जबकि एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है. हाल के चार- पांच वर्षों में जंगल में बिछाये गये आइइडी की चपेट में आने से करीब दर्जनभर ग्रामीणों को जान गंवानी पड़ी है. वहीं, सर्च ऑपरेशन के क्रम में आइइडी की चपेट में आने से करीब आधा दर्जन से ज्यादा जवान शहीद व घायल हो चुके हैं. सारंडा में माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं, ताकि ग्रामीणों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो.

डीजीपी की चेतावनी के दो सप्ताह बाद हुई घटना

विदित हो कि 25 सितंबर, 2025 को सारंडा के 10 नक्सलियों ने पुलिस महानिदेशक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. उन्होंने अन्य नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में जुड़ने की चेतावनी दी थी. दो सप्ताह बाद ही मुठभेड़ व आइइडी विस्फोट में जवानों को नुकसान हुआ है. सूत्रों के अनुसार, सारंडा में शीर्ष नेता सहित करीब 30-40 नक्सली जमा हैं.

तीन वर्षों में 175 नक्सली गिरफ्तार, 10 मारे गये

पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले तीन वर्षों में 175 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को मार गिराया गया. उनके पास भारी मात्रा में विस्फोटक व हथियार भी बरामद किये गये. जिले में नक्सलियों के खिलाफ वर्ष 2022 से अब तक 9631 बार अभियान चलाया गया था.

सारंडा में सीआरपीएफ की तैनाती के बाद मिलने लगी सफलता

झारखंड राज्य बनने से पूर्व सारंडा में नक्सलियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया था. संगठन का विस्तार होते ही लैंड माइंस बिछाना शुरू कर दिया था. पहली बार आइइडी की चपेट में आने से 29 जवान शहीद हो गये थे. बड़ाजामदा ओपी पर हमला कर जवानों के रायफल भी छिन लिये थे. नक्सलियों के इस हनक को खत्म करने के लिए सीआरपीएफ को बुलाया गया. इसके बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई की गयी. सुरक्षा बलों को काफी हद तक सफलता भी मिली.

विधायक के भाई के चेहरा व आंख पर गंभीर चोट, परिवार चिंतित

सारंडा जंगल में आइइडी ब्लास्ट में विधायक दशरथ गागराई के बड़े भाई रामकृष्ण गागराई भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इस खबर से विधायक का परिवार सदमे में है. परिवार के सदस्य शुक्रवार शाम से परेशान रहे. घायल रामकृष्ण गागराई सीआरपीएफ में एएसआइ हैं. उनके भाई डॉ विजय सिंह गागराई ने बताया कि घटना काफी दुखद है. घटना में देश का एक सच्चा सिपाही शहीद हो गया. घायल भाई समेत अन्य जवानों के स्वास्थ्य लाभ के लिए ईश्वर से कामना करते हैं. उनके भाई रामकृष्ण के मुंह व आंख पर गंभीर चोट लगी है. बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर दिल्ली एम्स शिफ्ट किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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