Bokaro News : अस्पताल को मर्ज किये जाने से लोगों को परेशानी

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Bokaro News : अस्पताल को मर्ज किये जाने से लोगों को परेशानी

Bokaro News : सीसीएल के जारंगडीह अस्पताल को कथारा एरिया अस्पताल में मर्ज कर दिये जाने से बड़ी आबादी परेशान है.

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राकेश वर्मा, बेरमो, सीसीएल कथारा एरिया अंतर्गत जारंगडीह परियोजना का सालाना कोयला उत्पादन 15 लाख टन है. मैन पावर लगभग एक हजार है. यहां एनसीडीसी के समय कोलकर्मियों के अलावा आसपास के ग्रामीणों की सुविधा के लिए जारंगडीह अस्पताल खोला गया था. लेकिन 19 मई को प्रबंधन ने कथारा एरिया अस्पताल में इसे मर्ज कर दिया और यह डिस्पेंसरी के रूप में चल रही है. यूनियन प्रतिनिधियों के विरोध के बाद प्रबंधन ने इस अस्पताल में रोजाना एक घंटे के लिए एक चिकित्सक को कथारा एरिया अस्पताल से यहां भेजना शुरू किया.

छह दशक पुराने इस अस्पताल में कोल कर्मियों व उनके परिवार के अलावा जारंगडीह क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मिलती थी, लेकिन अब पूरी तरह से वंचित हो गयी. जारंगडीह से सटे गांव असनापानी, खेतको, बरवाबेड़ा के ग्रामीण भी यहां इलाज कराने आते थे. पहले जारंगडीह अस्पताल था, तो यहां एक ओटी रुम, एक ड्रेसिंग रुम, तीन-चार रेगूलर चिकित्सक, आधा दर्जन से ज्यादा नर्स, एक ड्रेसर, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्निशियन, एक किचेन, एक भंडार, चार डॉक्टर चैंबर, एक सिस्टर केबिन के अलावा 10 बेड (5-5 महिला व पुरुष) की व्यवस्था थी. इस अस्पताल में पहले डॉ पीसी प्रधान, डॉ अंजना साहू, डॉ केबी रंजन, डॉ पांडेय रेगूलर बैठा करते थे. पुखराम ड्रेसर, रामेश्वर प्रसाद व ब्रह्मदेव प्रसाद फार्मासिस्ट के अलावा विकास चटर्जी लैब टेक्निशियन थे. वर्तमान में रोजाना मात्र एक घंटे के लिए कथारा क्षेत्रीय अस्पताल से डॉ उमेश यादव यहां आकर मरीजों का इलाज करते हैं. वर्तमान में नर्स, फार्मासिस्ट, ड्रेसर व लैब टेक्निशियन एक भी नहीं है. फिलहाल यहां तीन क्लर्क, दो वार्ड बॉय, एक आया, पांच स्वीपर तथा शेष जेनरल मजदूर सहित कुल 24 मैन पावर है. यहां के सभी बेड खाली पड़े रहते हैं. अधिकतर विभागों में ताला लटका हुआ है. डिस्पेंसरी में एक एंबुलेंस भी है.

28 जनवरी 1994 को किया गया था नये अंत: विभाग का उद्घाटन

जारंगडीह अस्पताल के नये अंत: विभाग का उद्घाटन सीसीएल के तत्कालीन सीएमडी एमए उबैध ने किया था. उस वक्त कथारा एरिया के जीएम एके सिन्हा तथा जारंगडीह के पीओ रंजीत रंजन पत्रनवीश थे. कोरोना काल में जारंगडीह अस्पताल को जिला प्रशासन के आदेश पर बेरमो अनुमंडल का कोरोना सेंटर बनाया गया था. कई माह तक कोराना मरीजों का इलाज यहां हुआ.

क्या कहना है कथारा रीजनल अस्पताल के सीएमओ का

सीसीएल कथारा रीजनल अस्पताल के सीएमओ डॉ एमएन राम ने कहा कि पारा मेडिकल स्टाफ की कमी के कारण जारंगडीह अस्पताल को कथारा एरिया अस्पताल में मर्ज किया गया था. फिलहाल रोजाना कथारा से एक चिकित्सक को वहां भेजा जा रहा है.

क्या कहना है यूनियन नेता का

राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन (इंटक) के कथारा एरिया सचिव विल्सन फ्रांसिस का कहना है कि जारंगडीह अस्पताल को मर्ज करने के आदेश को निरस्त किया जाये. फिर से इसे अस्पताल के रूप में चलाने की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Janak Singh Choudhary

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