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बोकारो के सुकर बिरहोर ने जड़ी-बूटी के बताये फायदे, पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हुए सम्मानित

Updated at : 23 Sep 2022 6:37 AM (IST)
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बोकारो के सुकर बिरहोर ने जड़ी-बूटी के बताये फायदे, पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हुए सम्मानित

बोकारो के ललपनिया में पांच‌ दिवसीय जड़ी-बूटी प्रशिक्षण सह शोध कार्यक्रम का समापन हुआ. इस दौरान उपस्थित वैद्यों ने जड़ी-बूटी से बने औषधि के बारे में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया. वहीं, 60 वर्षीय सुकर बिरहोर द्वारा जड़ी-बूटी के विभिन्न फायदे बताने पर सभी प्रभावित हुए. उन्हें सम्मानित भी किया गया.

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Jharkhand News: बोकारो जिला अंतर्गत लुगू पहाड़ की तलहटी में स्थित ललपनिया के कला संस्कृति भवन में पांच दिवसीय जड़ी-बूटी वैद्य का प्रशिक्षण सह शोध शिविर का गुरुवार को समापन हो गया. इस दौरान सभी बैद्यों ने जडी-बूटी औषधि को आमलोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया गया, ताकि जड़ी-बूटी दवाओं की‌ पहचान मिले और लोग बीमारी में इलाज का लाभ उठा सके.

सुकर बिरहोर को किया गया सम्मानित

बोकारो के तुलबूल बिरहोर टंडा से आये 60 वर्षीय सुकर बिरहोर में जड़ी-बूटी के गुण की बेहतर जानकारी है. इस प्रशिक्षण शिविर के इसके फायदे बताकर सबको प्रभावित किया. जड़ी-बूटी के गुण को लेकर सुकर की जानकारी को उपस्थित सभी बैद्यों ने भी काफी सराहा. इस दौरान सुकर को आर्थिक सहयोग देते हुए शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया.

जड़ी-बूटी आधारित दवा को बढ़ावा दे सरकार

समापन समारोह में मुखिया बबलू हेम्ब्रम ने कहा कि मानव सभ्यता विकसित होने के समय जड़ी-बूटी ही एकमात्र दवा के रूप में लोग उपयोग करते रहे हैं. सरकार का ध्यान इस विलुप्त होती जड़ी-बूटी की दवा की ओर नहीं है. सरकार को इसपर ध्यान देने की जरूरत है. इस दौरान मुखिया ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बैद्यों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये.

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जड़ी-बूटी पर शोध की जरूरत

वहीं, बिहार से आये वैद्य नीरज कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड के जंगलों में जड़ी-बूटी का भंडार है. जरूरत है इन जड़ी-बूटियों पर शोध कर बीमारी में उपयोग करने की. उन्होंने कहा‌‌ कि जंगलों में जड़ी-बूटी पर कॉरपोरेट घरानों की नजर है. एसे घरानों से सचेत रहना होगा. कहा कि जड़ी-बूटी औषधि में न तो साइड इफेक्ट है और न ही अधिक कीमत. सिर्फ जागरूकता की कमी है.

प्रशिक्षण शिविर में इनकी रही उपस्थिति

इस मौके पर प्रशिक्षण में बिहार के नवादा से वैद्य उपेंद्र प्रसाद, श्रीकांत कुमार, सुमित कुमार वर्मा, भभुवा से अमित कुमार, दिल्ली के उत्तम नगर से आर्या कुमार आर्या, बंगाल के पुरुलिया से विभूति महतो, मेरठ से नरेंद्र राणा, यूपी के कुशीनगर से विजय‌ प्रताप, मुजफ्फरपुर के नीरज कुमार सिंह, ओड़िशा के पोड़ा उरांव, महाराष्ट्र से दिनेश विट्ठल, मध्य प्रदेश से देवेंद्र पाटीदार, छत्तीसगढ़ से विष्णु पटेल, पटना से महिला बैद्य संजू कुमारी, रांची से आशा कुमारी के अलावा बोकारो से सगंठन के अध्यक्ष खुलेश्वर महतो, महासचिव रामचंद्र हांसदा, सेवालाल साव, मुकेश कुमार महतो, नीमाय चंद्र महतो, सेवालाल महतो, दिलेश्वर महतो, मनोज कुमार महतो समेत अन्य उपस्थित थे.

रिपोर्ट : नागेश्वर कुमार, ललपनिया, बोकारो.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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