Bokaro News : अतिक्रमण से सिमटता जा रहा है स्कूल का खेल मैदान

Updated at : 03 Mar 2025 1:05 AM (IST)
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Bokaro News : अतिक्रमण से सिमटता जा रहा है स्कूल का खेल मैदान

Bokaro News : बांधडीह के लोगों ने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए हाइ स्कूल के लिए दान में दी थी जमीन

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Bokaro News : विप्लव सिंह, जैनामोड़.

जिले के जरीडीह प्रखंड क्षेत्र के बांधडीह हाई स्कूल का चार एकड़ का खेल मैदान अतिक्रमण की वजह से सिमटता जा रहा है. यह जमीन बांधडीह के दानदाताओं ने बच्चों के खेलने के लिए दान में दी थी. बच्चों को स्कूल भवन तो मिल गया है, लेकिन खेलने के लिए मैदान की कमी बनी हुई है. अतिक्रमणकारी व भू-माफिया इस खेल मैदान का अतिक्रमण करते जा रहे हैं. कई बार सीओ ने अतिक्रमण हटाया भी, लेकिन फिर से अतिक्रमण कर लिया गया. अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी की जाती है, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होती है. खेल मैदान के अभाव में बच्चे स्कूल परिसर में ही खेलने को विवश हैं.

कई बार उठाया जा चुका है मुद्दा :

बांधडीह हाई स्कूल के खेल मैदान पर अतिक्रमण की समस्या से स्कूल के प्राचार्य, समाजसेवी व ग्रामीण अधिकारियों को कई बात अवगत करा चुके हैं. पत्राचार भी किया गया, लेकिन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.

बांस व खपड़ा देकर किया गया बांधडीह स्कूल का निर्माण :

बांधडीह के दो सगे भाई माहु मंडल व ज्योति मंडल ने 1950 में अपने घर के बांस बाली व खपड़ा को लाकर बांधडीह स्कूल का निर्माण कराया. बांधडीह के मंडल परिवार ने स्कूल को कुल 8 एकड़ 31 डिसमिल जमीन दान दी थी.

मैदान में राजनीति के कई दिग्गजों का हो चुका है कार्यक्रम :

स्कूल के इस मैदान में कई राजनीति दलों को बड़े-बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका हैं. सरकारी कार्यक्रम का भी आयोजन इसी मैदान में होता है.

ऐसे हो रहा है खेल मैदान का अतिक्रमण :

बांधडीह हाई स्कूल का मैदान मुख्य सड़क किनारे स्थित है. टेंट मालिक इसी मैदान में टेंट का बांस रखते हैं. दूसरी ओर मैदान के सामने दुकादारों ने हाल ही में मिट्टी गिरा कर मैदान को और छोटा कर दिया है. गैरेज दुकानदारों ने मैदान में जहां-तहां गाड़ी खड़ा कर पूरे मैदान को गैरेज बना दिया है. चहारदीवारी नहीं होने से बांधडीह हाई स्कूल मैदान शराबियों का भी अड्डा बना हुआ है. दिन ढलते ही लोग शराब पीकर मैदान में जहां-तहां खाली बोतल फोड़ कर चले जाते हैं. वहीं जैनामोड़ की नाली का गंदा पानी भी मैदान में बहता रहता है, इसी मैदान से होकर जैनामोड़ रेफरल अस्पताल जाने का रास्ता भी है.

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