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Jharhand News: सेल-BSL ने मौसम प्रतिरोधी स्टील के लिए लाइसेंस प्राप्त कर उपलब्धि की हासिल

Updated at : 15 Jan 2023 11:44 AM (IST)
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Jharhand News: सेल-BSL ने मौसम प्रतिरोधी स्टील के लिए लाइसेंस प्राप्त कर उपलब्धि की हासिल

इस्पात निर्माता के रूप में बोकारो स्टील प्लांट ने स्टील के उपरोक्त ग्रेड के लिए बीआईएस से लाइसेंस प्राप्त कर लिया है. बोकारो स्टील प्लांट हॉट एवं कोल्ड रोल्ड कॉइल, प्लेट और शीट के रूप में नियमित रूप से मौसम प्रतिरोधी स्टील "सेलकोर" का उत्पादन करता है.

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बोकारो, सुनील तिवारी : सेल-बोकारो स्टील प्लांट ने मौसम प्रतिरोधी स्ट्रक्चरल स्टील, ग्रेड WR-Fe 480A (मौसम प्रतिरोधी संरचनात्मक स्टील के लिए सामान्य उपयोग), WR-Fe 480B (लो फॉस्फोरस माइक्रो-एल्लोएड मौसम प्रतिरोधी संरचनात्मक स्टील) और WR-Fe 490H (कंटेनर निर्माण के लिए) निर्दिष्ट मानकों के अनुसार स्टील को रोल करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से लाइसेंस प्राप्त कर एक अहम उपलब्धि हासिल की है.

गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक स्तर पर शिपिंग ग्रेड कंटेनरों की भारी कमी देखी गई थी. सरकारी प्रतिबंधों और विनियमों के कारण दुनिया भर में कई कंटेनर बंदरगाहों, भंडारण सुविधाओं और जहाजों पर फंसे पड़े थे. बढ़ती मांग, बंदरगाह की भीड़भाड़ और बंद निर्माण कार्यों ने कमी को और भी बदतर बना दिया था. इसके परिणामस्वरूप शिपिंग लाइनों द्वारा लगाए गए दुनिया भर में कंटेनर माल की दरों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। इससे भारत की निर्यात-आयात आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हुई.

भारत को हर साल लगभग 3.5 लाख कंटेनरों की आवश्यकता

उल्लेखनीय है कि भारत को हर साल लगभग 3.5 लाख कंटेनरों की आवश्यकता होती है. लेकिन, भारत में कोई कंटेनर उत्पादन नहीं होता है. देश को मुख्य रूप से चीन पर निर्भर रहना पड़ता है, जो इसका वैश्विक उत्पादक है. भारत में कंटेनर निर्माण को कंटेनर की कमी के समाधान के रूप में देखा गया, जो चीन पर भारत की निर्भरता को खत्म कर सकता था.

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विशिष्ट स्टील भारतीय मानकों में उपलब्ध नहीं था

समस्या का अध्ययन करने और भारत में शिपिंग ग्रेड कंटेनरों के निर्माण के लिए क्षमता बनाने की योजना तैयार करने के लिए जून 2022 में प्रधान मंत्री कार्यालय के निर्देश पर एक अंतर-मंत्रालय पैनल का गठन किया गया था. उद्योग के स्टेक होल्डर्स के साथ बातचीत के दौरान समिति ने पाया कि कंटेनर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला विशिष्ट स्टील भारतीय मानकों में उपलब्ध नहीं था. यह मामला भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के संज्ञान में लाया गया, जिसने अब घरेलू और एक्जिम व्यापार के लिए उपयोग किए जाने वाले घरेलू कंटेनर निर्माताओं की मांग के अबुरुप अपने भारतीय मानक (आईएस 11587:1986) में संशोधन किया है और नए ग्रेड WR – Fe 490H की शुरुआत की है, जो कोर्टेन-स्टील के समतुल्य है.

आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती मिलेगी

एक अग्रणी इस्पात निर्माता के रूप में बोकारो स्टील प्लांट ने स्टील के उपरोक्त ग्रेड के लिए बीआईएस से लाइसेंस प्राप्त कर लिया है. बोकारो स्टील प्लांट हॉट एवं कोल्ड रोल्ड कॉइल, प्लेट और शीट के रूप में नियमित रूप से मौसम प्रतिरोधी स्टील “सेलकोर” का उत्पादन करता है. यह कॉर्टन स्टील के लिए एक स्वदेशी समकक्ष ग्रेड है और इसका उपयोग भारतीय रेलवे द्वारा मौसम प्रतिरोधी संरचनात्मक/वैगन निर्माण के लिए किया जाता है. बोकारो इस्पात संयंत्र में आयात के विकल्प के तौर पर इन ग्रेडों के उत्पादन से आत्म-निर्भर भारत के विजन को मजबूती मिलेगी.

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