चंद्रपुरा : जिसके कारण बसा शहर, इतिहास बना वह पुराना पावर प्लांट

Updated at : 23 Apr 2024 11:51 PM (IST)
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चंद्रपुरा : जिसके कारण बसा शहर, इतिहास बना वह पुराना पावर प्लांट

चंद्रपुरा : जिसके कारण बसा शहर, इतिहास बना वह पुराना पावर प्लांट

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चंद्रपुरा. आज भले चंद्रपुरा में डीवीसी के पुराने पावर प्लांट का अस्तित्व समाप्त हो गया, मगर इसी प्लांट के कारण चंद्रपुरा शहर बसा है. आज जिस चंद्रपुरा को देख रहे हैं, वह कभी जंगल और झाड़ियों से घिरा था और कुछ गांवों व टोले थे. गरीबी व समस्याओं के बीच लोग जी रहे थे. 60 के दशक में यह पावर प्लांट बना और इसके बाद यहां के लोगों की जीवनशैली बदली. सुविधाओं में भी बढ़ोतरी हुई.

कभी वीरान रहने वाले इस जगह पर आज रौनक देखते ही बनती है. सड़क किनारे लगने वाले दुकानों व सड़कों पर दौड़ती गाड़ियों ने इस शहर की व्यस्तता बढ़ा दी. एक समय एशिया का सबसे बड़ा प्लांट रह चुके चंद्रपुरा थर्मल प्लांट का अस्तित्व भले ही समाप्त हो गया, मगर इसने इस शहर को बसाने व विस्तार दिया है. दामोदर नदी में बने पुल व संपर्क पथ के कारण यह सीधे बोकारो से जुड़ चुका है. यहां खेल के मैदान व कई शैक्षणिक संस्थाएं भी हैं.

पांच रेल मार्गों से जुड़ा है चंद्रपुरा स्टेशन :

चंद्रपुरा स्टेशन की स्थापना वैसे तो सौ साल पहले ही हो चुका था, मगर उस समय यहां सिर्फ एक गुमटी थी. दुगदा कोल वाशरी व चंद्रपुरा प्लांट बनने के बाद स्टेशन का भी विस्तार किया गया. डीसी ट्रेन से शुरू हुई. आज 60 जोड़ी ट्रेनों के आवागमन इस स्टेशन से होकर होती है. यह स्टेशन पांच रेल मार्गों से जुड़ा हुआ है.

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