BSL के जर्जर क्वार्टरों में रह रहे कर्मियों की परेशानी बढ़ी, संघ ने आवास और मेंटेनेंस की सुविधा मांगी

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ज्ञापन सौंपते हुए संघ के लोग

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बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के सेक्टर-12 में जर्जर क्वार्टरों में रह रहे कर्मचारियों की आवास समस्या को लेकर भारतीय उद्योग मजदूर संघ ने प्रबंधन से मुलाकात की. संघ ने आवास आवंटन, मेंटेनेंस और शिफ्टिंग से जुड़ी कई मांगें रखीं.

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बोकारो. सेक्टर-12 के जर्जर और पूरी तरह क्षतिग्रस्त घोषित क्वार्टरों में रह रहे बीएसएल कर्मचारियों, लीज व लाइसेंसधारियों की आवासीय समस्या को लेकर बुधवार को भारतीय उद्योग मजदूर संघ का प्रतिनिधिमंडल नगर सेवा के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार से मिला. महामंत्री कुमार अमित के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर आवास आवंटन, मेंटेनेंस और शिफ्टिंग से जुड़ी कई मांगें रखीं.

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क्षतिग्रस्त क्वार्टर घोषित होने से बढ़ा आवास संकट

महामंत्री कुमार अमित ने कहा कि सेक्टर-12 के बड़ी संख्या में ब्लॉकों को प्रबंधन द्वारा क्षतिग्रस्त घोषित किये जाने के बाद सैकड़ों कर्मचारियों, सेवानिवृत्त लीज व लाइसेंसधारियों के परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि डी-टाइप आवास के हकदार कर्मचारियों ने महीनों पहले आवेदन किया था, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई.

उन्होंने हाल में सेक्टर-12 के एक ब्लॉक के अचानक धराशायी होने की घटना का भी उल्लेख किया. उनका कहना था कि संबंधित ब्लॉक प्रबंधन की क्षतिग्रस्त सूची में शामिल नहीं था. संघ ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.

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शिफ्टिंग के नोटिस पर संघ ने जताया विरोध

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर ई-टाइप आवास में शिफ्ट होने का दबाव बनाया जा रहा है और अनुशासनात्मक कार्रवाई का नोटिस दिया गया है. संघ ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की.

संघ ने कहा कि कर्मचारियों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने से पहले उसकी स्थिति और मेंटेनेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.

डी-टाइप आवास की सूची सार्वजनिक करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने सभी खाली डी-टाइप आवासों की सूची सार्वजनिक करने और प्रभावित कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार आवास आवंटित करने की मांग की. आवंटित क्वार्टरों का पूर्ण मेंटेनेंस कराने या मेंटेनेंस की एकमुश्त राशि कर्मचारियों के खाते में देने की मांग भी रखी गयी.

इसके अलावा शिफ्टिंग के लिए ट्रांसपोर्ट भत्ता देने, तत्काल आवास आवंटित नहीं होने की स्थिति में अगले दो महीने का मकान किराया भत्ता देने की मांग की गयी.

लीज व लाइसेंसधारियों के लिए भी आवास विकल्प की मांग

संघ ने जर्जर क्वार्टरों में रह रहे लीज और लाइसेंसधारियों को भी सम्मानजनक आवास का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही रिक्त ई-टाइप क्वार्टरों को बड़े परिवार वाले बीएसएल कर्मचारियों को एक से अधिक संख्या में आवंटित करने का सुझाव दिया.

वर्षों से खाली पड़े क्वार्टरों के लिए पारदर्शी नीति बनाकर ठेका कर्मचारियों को भी आवंटन का रास्ता खोलने की मांग की गयी. संघ का कहना है कि इससे ठेका कर्मचारियों को आवास सुविधा मिलने के साथ प्रबंधन को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है और शहर में आवास अतिक्रमण की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी.

समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया. महामंत्री कुमार अमित ने कहा कि यदि जल्द सम्मानजनक समाधान नहीं निकला, तो संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा.

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प्रतिनिधिमंडल में बीयूएमएस अध्यक्ष अब्दुल रब अख्तर, उपाध्यक्ष रामावतार, धनंजय चौबे, संयुक्त महामंत्री अशोक कुमार, जन्मजय गोस्वामी, जगन्नाथ पूर्ति, ताजुद्दीन अंसारी, बलराम यादव और संदीप महंता समेत अन्य शामिल थे.

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