सेल के एचआर विभाग की कार्यशैली पर बीएकेएस ने उठाये सवाल, 45 से अधिक मुद्दे लंबित होने का आरोप

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बीएसएल (फाइल फोटो)

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बीएसएल-सेल प्रबंधन की नीतियों से कर्मचारी परेशान, बीएकेएस ने बोनस और वेज रिवीजन समेत 45 लंबित मांगों को लेकर पीएमओ और इस्पात मंत्री को पत्र लिखा.

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बोकारो. भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) के मानव संसाधन (एचआर) विभाग की कार्यशैली को लेकर कर्मचारियों और यूनियन में असंतोष बढ़ता जा रहा है. बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने सेल प्रबंधन पर कर्मचारियों की लंबित मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. संघ का दावा है कि कॉर्पोरेट स्तर के 45 से अधिक महत्वपूर्ण मामले वर्षों से लंबित हैं, जबकि पांच प्रमुख मामले अदालत में विचाराधीन हैं.

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संघ के अनुसार, कई स्तरों पर मांगों को उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने पर अब प्रधानमंत्री, केंद्रीय इस्पात मंत्री, इस्पात सचिव, श्रम सचिव, मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) और सेल चेयरमैन को विस्तृत मांग पत्र भेजा गया है.

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वेज रिवीजन समेत पांच मामले कोर्ट में

बीएकेएस के अनुसार वेज रिवीजन 2017 में कथित गड़बड़ी, बोनस फॉर्मूला, एनजेसीएस के पुनर्गठन और बोकारो में यूनियन चुनाव समेत पांच प्रमुख मामले न्यायालय में लंबित हैं. संघ का कहना है कि इन मामलों में कर्मचारियों को अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिली है.

45 से अधिक मांगें प्रबंधन के पास लंबित

बीएकेएस ने लंबित 45 से अधिक मुद्दों की सूची भी जारी की है. इसमें नये श्रम कानून 2026 को लागू करने, वार्ताकारी परिषद के गठन और 2007 इंसेंटिव फॉर्मूले में संशोधन की मांग प्रमुख है. इसके अलावा स्टैग्नेशन इंक्रीमेंट, लीव बैंक की स्थापना तथा आवास और वाहन ऋण की बहाली की मांग भी शामिल है.

संघ ने कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर और मोबाइल भत्ता, बच्चों की शिक्षा के लिए डीपीएस रांची की तर्ज पर शिक्षा भत्ता, ई-0 ग्रेड के पे-स्केल में सुधार, 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभ और एनपीएस में नौ प्रतिशत अंशदान जैसी मांगें भी उठायी हैं.

प्रमाण पत्र देने वाली एजेंसियों की जांच की मांग

बीएकेएस के महासचिव हरिओम कुमार ने कहा कि सेल प्रबंधन खुद को 'ग्रेट प्लेस टू वर्क' के रूप में पेश कर रहा है, जबकि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है. उन्होंने प्रमाण पत्र देने वाली एजेंसियों के क्रियाकलापों की भी जांच की मांग की.

21, 22 | Prabhat Khabar Network
हरिओम कुमार, महासचिव-बीएकेएस

संघ ने कहा है कि कर्मचारियों के लंबित मुद्दों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो वह संबंधित स्तरों पर अपनी मांगों को आगे भी उठाता रहेगा.

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