Jharkhand News: डॉ राजेंद्र प्रसाद ने गोमिया में 1958 में किया था एशिया के पहले बारूद कारखाना का उद्घाटन

Published at :02 Dec 2020 8:30 PM (IST)
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Jharkhand News, Gomia News: एशिया महादेश का पहला बारूद कारखाना झारखंड क्षेत्र के बोकारो जिला के गोमिया में बना था. इसका उद्घाटन करने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद आये थे. उस दिन वह दिन भर गोमिया में ठहरे थे.

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Jharkhand News, Gomia News: बेरमो (राकेश वर्मा) : एशिया महादेश का पहला बारूद कारखाना झारखंड क्षेत्र के बोकारो जिला के गोमिया में बना था. इसका उद्घाटन करने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद आये थे. उस दिन वह दिन भर गोमिया में ठहरे थे.

आजादी के बाद उद्योग-धंधों पर काफी ध्यान दिया गया था. देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बेरमो के बोकारो थर्मल में एशिया महादेश के पहले पावर प्लांट का उद्घाटन किया था. वहीं, देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बेरमो अनुमंडल के गोमिया में एशिया महादेश के पहले बारूद कारखाना का उदघाटन किया.

बारूद कारखाना खोलने के लिए इस क्षेत्र को कई मायने में उपयुक्त माना गया था. बगल में कोनार नदी का पानी मिल गया. निर्मित सामान को भेजने के लिए गोमिया रेलवे स्टेशन से रेलवे मार्ग मिल गया. साथ ही‍ व्यावसायिक दृष्टिकोण से यहां कोयला खदान भी मिल गया, जहां बारूद की खपत कोयला खनन के लिए ब्लास्टिंग में की जाती है.

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5 नवंबर, 1958 को देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने गोमिया में एशिया महादेश के इस पहले बारूद कारखाना का उद्घाटन किया था. आईसीआई (इम्पीरियल केमिकल इंटस्ट्रीज) जो यूनाइटेड किंगडम (लंदन) की कंपनी थी, उससे यहां बारूद कारखाना खोलने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने आग्रह किया था. आईसीआई का हेड ऑफिस लंदन में था.

90 के दशक में ऑस्ट्रेलिया की कंपनी ओरिका ने इसका अधिग्रहण कर लिया. इसके बाद इसका नाम आईईएल ओरिका पड़ गया. इस बारूद कारखाना में बारूद के अलावा नाईट्रिक एसिड, अमोनिया, नाइट्रो फ्लोराइड का भी उत्पादन होने लगा. यहां निर्मित सामान की खपत पूरे भारतवर्ष के अलावा अरब देशों, चीन, भूटान, इंडोनेशिया, वर्मा व अन्य देशों में होती है.

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अभी भी यहां का बारूद देश के अलावा विदेशों में भी निर्यात किये जाते हैं. खासकर कोयला उद्योग में इसकी काफी डिमांड है.आईसीआई कंपनी ने गोमिया में बारूद कारखाना के अलावा उस वक्त कानपुर में खाद कारखाना (चांद छाप यूरिया) तथा मद्रास में आईसीआई पेंट का कारखाना भी खोला था.

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Posted By : Mithilesh Jha

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