सर्कुलर जारी होने के बाद भी बीएसएल में पर्यावरण संबंधी आदेश की अनदेखी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Feb 2020 2:58 AM

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बोकारो : थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली राख (फ्लाई ऐश) प्रदूषण का कारण है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल की ओर से फ्लाई ऐश के निस्तारण व उपयोग के लिए कई दिशा-निर्देश दिया गया है. बोकारो इस्पात संयंत्र की ओर से भी फ्लाई ऐश के निस्तारण व उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सर्कुलर जारी किया […]

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बोकारो : थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली राख (फ्लाई ऐश) प्रदूषण का कारण है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल की ओर से फ्लाई ऐश के निस्तारण व उपयोग के लिए कई दिशा-निर्देश दिया गया है. बोकारो इस्पात संयंत्र की ओर से भी फ्लाई ऐश के निस्तारण व उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सर्कुलर जारी किया गया. लेकिन इस पर अमल कितना हुआ, यह बीएसएल के सेक्टरों में देखने से पता चल जाता है.

बताते चलें कि 11 जून 2014 को बीएसएल की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया था कि निर्माण कार्य में रेड ब्रिक्स कीजगह फ्लाई ऐश ब्रिक्स का इस्तेमाल हो. भारत सरकार के वन व पर्यावरण मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर फ्लाई ऐश ब्रिक्स को बढ़ावा देना है. लेकिन, आदेश मानो कागज में ही गायब हो गया.
सर्कुलर की अनदेखी सेक्टर 01 हवाई अड्डा से सेक्टर 06 दूरदर्शन केंद्र तक एक-दो वर्षों के अंदर बनने वाले डिवाइडर में आसानी से दिख जायेगी. इस निर्माण कार्य में रेड ब्रिक्स का इस्तेमाल किया गया है. तीन किमी लंबे डिवाइडर में 10 हजार से अधिक रेड ब्रिक्स का इस्तेमाल किया गया है.
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