आशु लिपिक से कैसे बने सहायक
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Dec 2019 3:20 AM
बोकारो : बियाडा के बोकारो कार्यालय में कार्यरत अवधेश सिंह का पदनाम बदल गया है. वह आशु लिपिक से निजी सहायक बन गये हैं. निजी सहायक कैसे बने इससे संबंधित संचिका नहीं मिल रही है. बियाडा कार्यालय में इस संचिका की खोज अभी तक जारी है. संचिका नहीं मिलने के कारण उन पर चल रही […]
बोकारो : बियाडा के बोकारो कार्यालय में कार्यरत अवधेश सिंह का पदनाम बदल गया है. वह आशु लिपिक से निजी सहायक बन गये हैं. निजी सहायक कैसे बने इससे संबंधित संचिका नहीं मिल रही है. बियाडा कार्यालय में इस संचिका की खोज अभी तक जारी है. संचिका नहीं मिलने के कारण उन पर चल रही जांच लंबित है.
विमल कीर्ति सिंह के कार्यकाल में बने थे निजी सहायक : जांच में जानकारी मिली है कि 10 जुलाई 1989 को अवधेश सिंह को हटाया गया था. पुन: उन्हें 03 मई 1991 में बहाल किया गया था. उसमें भी उनका पदनाम आशु लिपिक ही था. अवधेश सिंह के निजी सहायक बनने का आठ अक्तूबर 2002 का एक पत्र मिला है.
जिस पर तत्कालीन एमडी सह उपायुक्त विमल कीर्ति सिंह का हस्ताक्षर है. लेकिन किस फाइल पर उनको निजी सहायक बनाने का ऑर्डर हुआ है, किस प्रक्रिया के तहत उन्हें निजी सहायक बनाया गया. उसका कोई ट्रेस नहीं मिल रहा है. अवधेश सिंह की निजी संचिका में भी टिप्पणी भी नहीं है.
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