मधुपुर महोत्सव में सजी सुरों की महफिल, झूम उठे लोग

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jan 2019 7:04 AM

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मधुपुर : शहर के शेखपुरा मैदान में आयोजित मधुपुर महोत्सव में बॉलीवुड के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी. मुख्यमंत्री व मंत्री के संबोधन समाप्त होने के बाद दूसरे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध पाश्व गायक विपिन सचदेवा ने मो़ रफी के गीत से किया. सबसे पहले उन्होंने ‘ […]

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मधुपुर : शहर के शेखपुरा मैदान में आयोजित मधुपुर महोत्सव में बॉलीवुड के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी. मुख्यमंत्री व मंत्री के संबोधन समाप्त होने के बाद दूसरे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ.
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध पाश्व गायक विपिन सचदेवा ने मो़ रफी के गीत से किया. सबसे पहले उन्होंने ‘ बड़ी दूर से आये हैं प्यार का तोहफा लाये हैं, अपना लो या ठुकरा दो… गाकर लोगों को झुमने पर मजबूर कर दिया.
इसके बाद लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में हजारों रंग के नजारे बन गये…., ये रेशमी जुल्फे ये शरबती आंखें, इन्हें देखकर जी रहे सभी… , मैं जट यमला पगला दिवाना…, चाहुंगा मैं तुझे शाम सबेरे, फिर भी कभी अब नाम हो तेरे आवाज मैं न दुंगा… आदि कई गाने गाकर स्रोताओं की खूब तालियां बटोरी.
वहीं, गायिका साधना सरगम ने फिल्म जो जीता वो सिकंदर के गाने’ चाहे तुम कुछ न कहो मैंने चुन लिया एक साथी प्यार का…. से प्रारंभ किया. इसके बाद ‘नीले नीले अंबर पर चांद जब आये, प्यार बरसाये…., हमने घर छोड़ा है रस्मों को तोड़ा है, दूर कहीं जायेंगे ….. आदि कई गानों की प्रस्तुति दी. इसके उपरांत साधना सरगम व विपिन सचदेवा ने युगल गीत की प्रस्तुति दी. जिसमें जो वादा किया है वो निभाना पड़ेगा, चाहे रोके जमाना…., छुप गये सारे नजारे ओई क्या बात हो गयी…., उड़े जब जब जुल्फे तेरी कुंवारियों का दिल मचले.. जैसे कई गाने साथ गये.
हास्य कलाकार सुनील पाल ने भी दर्जनों चुटकुले सुना कर दर्शकों को जमकर हंसाया. मौके पर बतौर एंकर शैली मिश्रा व सौरव सिंह मौजूद थे.
22 लोगों को सीएम ने किया सम्मानित
मधुपुर : मधुपुर महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अनुमंडल क्षेत्र के 22 व्यक्तियों को शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इनमें स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए चिकित्सक डाॅ. युगल किशोर चौधरी, साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रभात खबर के स्तंभकार डाॅ. उत्तम कुमार पीयूष, समाज सेवा के लिए अस्तानंद झा, सरयू दास, सदानंद यादव, शरण परिवार, माधव सिंह, परमानंद बथवाल, शिक्षा के लिए प्रो. सुमन लता, सुरेंद्र प्रसाद राय, शाहीद आलिमी, नकुल महतो को सम्मानित किया गया. वहीं किसान के रूप में दशरथ महतो व झरी सिंह को सम्मानित किया.
ज्योतिषाचार्य के रूप में उत्कृष्ट कार्य के लिए मरणोपरांत करौं के जन्मजय झा के अलावा श्रीकांत पंडित को सम्मानित किया गया. वहीं, खेल क्षेत्र में काम करने के लिए मलय बोस व नमिता टुडू को सम्मानित किया गया. अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार को समाज सेवा के लिए व नृत्य के क्षेत्र में मीसा घोष को सम्मानित किया गया.
‘मधुपर्क-टू’ स्मारिका का हुआ विमोचन
मधुपुर. स्थानीय शेखपुरा मैदान में आयोजित मधुपुर महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास, श्रम नियोजन मंत्री राज पलिवार व अन्य अतिथियों ने मधुपर्क टू स्मारिका का विमोचन किया. स्मारिका का संपादन प्रो. सुमन लता ने किया है. जबकि सहसंपादन साहित्यकार डाॅ. उत्तम पीयूष ने किया है.
इस पत्रिका में मधुपुर की संस्कृति से जुड़े आलेख व स्थानीय कवियों व शायरों का लेखन संग्रह है. मौके पर प्रो. सुमन लता व डा. उत्तम पीयूष ने स्मारिका के संबंध में कहा कि गागर में सागर भरने का लघु प्रयास किया गया है.
साथ ही मधुपुर की संस्कृति को भी इसमें दर्शाया गया है. इस अवसर पर देवघर की डिप्डी मेयर नीतु देवी, भाजपा जिला अध्यक्ष दीवाकर गुप्ता, समाज कर्मी अरविंद कुमार, जिप सदस्य मनोज राय व बलवीर प्रसाद राय के अलावे एसडीपीओ अरविंद उपाध्याय, सारठ एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष अवनी भूषण आदि भी मंच पर उपस्थित थे.
जिला बनाओ संघर्ष समिति ने सीएम को सौंपा स्मार पत्र
मधुपुर. महोत्सव के दौरान मधुपुर जिला बनाओ संघर्ष समिति के द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुवर दास को एक स्मार पत्र सौंप कर मधुपुर को अविलंब जिला बनाने की मांग की गयी है. जिसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बासुकीनाथ की एक सभा में 15 जुलाई 2015 को मधुपुर को जिला की दर्जा देने की घोषणा कर चुके है.
पत्र में कहा कि मधुपुर जिला बनाने की सभी आहार्ता को पूरा करता है. मधुपुर क्षेत्र में सारठ, मारगोमुंडा, पालोजोरी, मधुपुर व करौं प्रखंड को मिला कर जिला बनाने की मांग किया जा रहा है.
बताया गया कि इसमें पांच प्रखंडो के अलावा 110 पंचायत, 3 नन पंचायत व 355 गांव है. राजनीतिक, व्यवसायिक व सांस्कृतिक दृष्टिकोण से मधुपुर काफी अहम जिला है. वर्ष 2000 से मधुपुर को जिला बनाने की मांग वे लोग कर रहे है. मौके पर संघर्ष समिति के सचिव धनजंय प्रसाद, कुंदन भगत, अस्तानंद झा आदि मौजूद थे.
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