बुजुर्ग मकान मालकिन को बंधक बनाने का मामला, डॉ गुप्ता और क्लिनिक संचालक पर केस

Updated at : 18 Aug 2018 8:15 AM (IST)
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बुजुर्ग मकान मालकिन को बंधक बनाने का मामला, डॉ गुप्ता और क्लिनिक संचालक पर केस

बोकारो : मकान हड़पने की नीयत से को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्लॉट संख्या 229 निवासी मकान मालकिन मंजूश्री घोष व उसके भाई दीपक घोष के साथ अमानवीय अत्याचार करने और उन्हें अपने ही आवास में बंधक बनाकर रखने का मामला शुक्रवार को स्थानीय बीएस सिटी थाना में दर्ज कर लिया गया है. उक्त आवास में नव […]

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बोकारो : मकान हड़पने की नीयत से को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्लॉट संख्या 229 निवासी मकान मालकिन मंजूश्री घोष व उसके भाई दीपक घोष के साथ अमानवीय अत्याचार करने और उन्हें अपने ही आवास में बंधक बनाकर रखने का मामला शुक्रवार को स्थानीय बीएस सिटी थाना में दर्ज कर लिया गया है.
उक्त आवास में नव ज्योति क्लिनिक चलाने वाले संचालक व डाॅ डीके गुप्ता (नेत्र रोग विशेषज्ञ) को अभियुक्त बनाया गया है. घटना की प्राथमिकी को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्लॉट संख्या 403 निवासी पूर्णेंदु कुमार सिंह समेत दस लोगों के संयुक्त आवेदन पर दर्ज की गयी है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, गत 12 अगस्त को लोगों ने पुलिस को बताया कि उक्त आवास की मालकिन को किरायेदार द्वारा ही आवास में कैद कर रखा गया है. उक्त सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस आवास का ताला खुलवा कर मंजूश्री घोष व मंजू के भाई दीपक घोष को नारकीय व अचेत अवस्था में बरामद कर दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया.
मामला दर्ज कराने वाले लोगों का दावा है कि क्लिनिक संचालक व डॉ डीके गुप्ता द्वारा मंजूश्री घोष का मकान हड़पने की नियत से योजना बनाकर यह अमानवीय कार्य किया गया है. अभियुक्तों ने मकान हड़पने की नियत से ही उन्हें कैद कर अपने मकान में रखा, ताकि जरूरी कागजात बनवा कर मकान मालकिन का जबरन हस्ताक्षर कराया जा सके. अभियुक्तों ने दोनों भाई को वैसी दवा दी, जिससे वह मर जायें.
फ्रैक्चर नहीं होने के बाद भी दिया गया ट्रैक्शन
लोगों का दावा है कि दीपक के पैर में फ्रैक्चर नहीं रहने के बाद भी उन्हें बिस्तर पर लिटाकर ट्रैक्शन दिया जा रहा था. मामला दर्ज कराने वाले लोगों ने पुलिस से जांच कर दोषी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की मांग की है. उल्लेखनीय है कि मंजूश्री घोष के पति एसके घोष की मौत वर्ष 2008 में ही हो चुकी है. उक्त आवास मंजूश्री घोष के पति के नाम पर है.
पति की मौत के बाद मंजू अपने भाई के साथ आवास में रह रही है. लोगों का आरोप है कि आवास में किराये के तौर क्लिनिक चलाने वाले संचालक व डाॅक्टर ने आवास पर कब्जा जमाने के लिये उक्त अमानवीय घटना को अंजाम दिया है. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गयी है.
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