जमशेदपुर: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने धनवंतरी आयुष अस्पताल का किया शिलान्यास, बोले सदर अस्पताल में बनेगा 100 बेड का वार्ड

धनवंतरी आयुष अस्पताल का शिलान्यास करते स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता
जमशेदपुर के कदमा में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने धनवंतरी आयुष अस्पताल का शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में 100 बेड का वार्ड बनेगा.
जमशेदपुर: कदमा ब्लॉक नंबर चार शास्त्रीनगर स्थित मिलन समिति मैदान में शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने राज्य के दूसरे धनवंतरी आयुष अस्पताल का शिलान्यास किया. 50 बेड का यह अस्पताल जी प्लस थ्री होगा. इसकी लागत 17.62 करोड़ रुपये होगी. अस्पताल 16 माह में बनकर तैयार हो जायेगा. यह 40 हजार स्क्वायर फीट में बनेगा, जहां पर इनडोर (भर्ती) और आउटडोर (ओपीडी) की सुविधा होगी. जिला आयुष पदाधिकारी डॉ मुकुल दीक्षित ने बताया कि यहां पर आयुर्वेद चिकित्सा के साथ-साथ होम्योपैथ, यूनानी, पंचकर्म व योग की भी सुविधा होगी.
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होगा अस्पताल : बन्ना गुप्ता
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि इस अस्पताल में लोग मानसिक व शारीरिक दोनों रूप से मजबूत होंगे. यहां पर पंचकर्म से लेकर योग व ध्यान भी कराया जायेगा. पंचकर्म विधि से शरीर की गंदगी को बाहर निकालकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यह सहायक होगा. योग व ध्यान के माध्यम से लोग मानसिक रूप से मजबूत होंगे. उन्होंने कहा कि यहां जल्द ही 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट का भी शिलान्यास किया जायेगा. साथ ही शहरी स्वास्थ्य केंद्र भी खोला जायेगा. वहीं, एमजीएम मेडिकल कॉलेज में बन रहे 500 बेड के अस्पताल को जल्द हैंडओवर होगा. सदर अस्पताल में 100 बेड का वार्ड भी बनाने का काम जल्द ही शुरू हो जायेगा. साथ ही मानगो में फ्लाइओवर का काम एक माह में गति पकड़ लेगा. इस दौरान डीडीसी मनीष कुमार, सिविल सर्जन डॉक्टर जुझार मांझी, जिला आयुष पदाधिकारी डॉ मुकुल दीक्षित, डॉ एमएन बालाजी, डॉ रेखा प्रसाद सहित अन्य उपस्थित थे.
सर्किट हाउस क्षेत्र में बन रहा पंचकर्म सेंटर
आयुष पदाधिकारी डॉक्टर मुकुल दीक्षित ने बताया कि सर्किट हाउस एरिया में दो मंजिला पंचकर्म सेंटर का निर्माण हो रहा है. अप्रैल तक यह बनकर तैयार हो जायेगा. यह कोल्हान का पहला सेंटर होगा जहां अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से पंचकर्म की सुविधा मौजूद होगी. पंचकर्म, आयुर्वेद शास्त्र में वर्णित एक विशेष चिकित्सा पद्धति है, जो दोषों को शरीर से बाहर निकाल कर रोगों को जड़ से समाप्त करता है. यह शरीर शोधन की प्रक्रिया है. पंचकर्म के लिए मरीज को अस्पताल में बीमारी के अनुसार डेढ़ से तीन महीने तक भर्ती रहना पड़ सकता है. पंचकर्म से गठिया, लकवा, उदर संबंधी विकार, मस्तिष्क विकार जैसे साइनस, माइग्रेन सहित 140 तरह की बीमारियों का इलाज होता है. केरल में पंचकर्म काफी प्रसिद्ध है.
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By Guru Swarup Mishra
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