स्वाति मालीवाल मारपीट मामला : सुप्रीम कोर्ट का सवाल- ‘गुंडे’ को सीएम आवास में काम करना चाहिए?

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 01 Aug 2024 12:07 PM

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Swati Maliwal assault case/ file photo

Swati Maliwal Assault Case : स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या इस तरह के ‘गुंडे’ को मुख्यमंत्री आवास में काम करना चाहिए? जानें कोर्ट ने और क्या कहा

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Swati Maliwal Assault Case : आम आदमी पार्टी (आप) से राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार से सवाल पूछे. शीर्ष कोर्ट ने बिभव कुमार के वकील से पूछा कि क्या मुख्यमंत्री आवास निजी बंगला है? क्या इस तरह के ‘गुंडे’ को मुख्यमंत्री आवास में काम करना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सीएम और ‘आप’ के संयाजक अरविंद केजरीवाल के सहायक बिभव कुमार के वकील से कहा कि मारपीट की घटना के दौरान राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल द्वारा पुलिस हेल्पलाइन पर फोन करने से क्या संकेत मिलता है.

जैसे कोई गुंडा मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास में घुस गया हो: सुप्रीम कोर्ट

स्वाति मालीवाल से मारपीट का मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने (बिभव कुमार) स्वाति द्वारा सेहत के संबंध में बताए जाने के बावजूद उसके साथ मारपीट की. बिभव कुमार इस तरह आचरण किया जैसे कोई गुंडा मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास में घुस गया हो. अपनी तीखी टिप्पणियों में, पीठ ने कहा कि हम हर दिन भाड़े के हत्यारों, हत्यारों, लुटेरों को जमानत देते हैं, लेकिन सवाल यह है कि किस तरह की घटना…जिस तरह से घटना हुई, उससे वह परेशान है.

बिभव कुमार की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की याचिका पर नोटिस जारी किया है. बिभव कुमार पर ‘आप’ की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट करने का आरोप है. बिभव कुमार ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट को अवलोकन के लिए उसके समक्ष रखा जाए. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 7 अगस्त को तय की है.

न्यायमूर्ति सूर्यकांत, दीपांकर दत्ता और उज्जल भुइयां की पीठ ने कुमार की जमानत याचिका अगले बुधवार के लिए सूचीबद्ध की और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी से कहा कि कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दर्ज की गई घटना के विवरण से हैरान है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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