जीतेंगे कोरोना से जंग : सरकार बोली- अफवाहों से रहें दूर लॉकडाउन 14 अप्रैल से आगे नहीं

Author Pritish Sahay|Edited by Prabhat Khabar
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कोरोना वायरस के संक्रमण से निबटने के लिए सरकार युद्धस्तर पर तैयारी कर रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में लागू 21 दिन तक का लॉकडाउन आगे बढ़ाने की तत्काल कोई योजना नहीं है.

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नयी दिल्ली : कोरोना वायरस के संक्रमण से निबटने के लिए सरकार युद्धस्तर पर तैयारी कर रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में लागू 21 दिन तक का लॉकडाउन आगे बढ़ाने की तत्काल कोई योजना नहीं है. सोशल मीडिया पर ऐसी कुछ कुछ रिपोर्ट आयी थीं कि सरकार लॉकडाउन की अवधि बढ़ा सकती है. सोमवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने इन रिपोर्टों को निराधार बताया और कहा कि लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है.

इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि संक्रमण रोकने के लिए देश में किये गये लॉकडाउन के पॉजिटिव रिजल्ट मिल रहे हैं. विकसित देशों में जिस तेजी से संक्रमण बढ़ा है, वैसा भारत में नहीं है. ऐसे में हमें आगे भी सतर्क रहने की जरूरत है. इधर, सोमवार की शाम तक देश में वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ कर 1,071 और मृतकों की संख्या 29 हो गयी है. 100 को इलाज के बाद छुट्टी मिल गयी है. गृह मंत्रालय ने कहा कि सभी राज्यों में लॉकडाउन का पालन हो रहा है.

जरूरी सामान के आपूर्ति की स्थिति संतोषजनक है, जहां भी समस्या आ रही है उसे कंट्रोल रूम के जरिये दूर किया जा रहा है. प्रवासी मजदूर, जो मार्ग में फंसे हैं, उन्हें भोजन और आश्रय की सुविधा देने के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं.

प्रवासी मजदूरों पर केंद्र से रिपोर्ट तलब : प्रवासी मजदूरों के घर वापसी के बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि भय व दहशत कोरोना से बड़ी समस्या बन रही है. कोर्ट ने इन लोगों के लिए उठाये जा रहे कदमों के बारे में केंद्र से मंगलवार तक रिपोर्ट देने को कहा है.

सरकार ने हजारों वेंटिलेटर व पीपीइ का िदया ऑर्डर

किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए सरकार ने कई कंपनियों को एक से दो महीने के भीतर 40 हजार से ज्यादा वेंटिलेटर बनाने का आदेश दिया है. वहीं, ऑटोमोबइल कंपनियों से वेंटिलेटर बनाने को कहा है. इसके अलावा डॉक्टरों व नर्सों के प्रोटेक्शन के लिए करीब 21 लाख पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीइ) बनाने का ऑर्डर दिया गया है. एम्स ने अपनी ट्रॉमा सेंटर इमारत को कोविड-19 के अस्पताल में तब्दील करने का निर्णय किया है.

सुविधा : सिलिंडर पहुंचाने वालों का बीमा कवर

एलपीजी सिलिंडर वितरण के कार्य में जुटे किसी कर्मचारी की कोरोना से मृत्यु होती है, तो उसे पांच लाख रुपये अनुग्रह राशि के रूप में दिये जायेंगे.

पहल : प्रीपेड की वैधता अवधि बढ़ाने के निर्देश

ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों से प्रीपेड ग्राहकों की वैधता अवधि बढ़ाने के लिए कहा है. ट्राई ने ऐसे ग्राहकों को प्राथमिकता के साथ निर्बाध दूरसंचार सेवाएं देने पर कंपनियों की पहल की भी जानकारी मांगी है.

राहत : मारुति ने सर्विस वारंटी अवधि बढ़ायी

मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि उसने कोरोना के मद्देनजर ग्राहक के लिए वाहनों की वारंटी और सर्विस समय सीमा बढ़ा दी है. जिन ग्राहकों के वाहनों की मुफ्त सर्विस, वारंटी और विस्तारित वारंटी 15 मार्च 2020 से 30 अप्रैल 2020 के बीच खत्म हो रही है, उसे अब 30 जून 2020 तक बढ़ा दिया गया है.

भारत में अभी सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं

राहत की बात है कि भारत में कोरोना के संक्रमण की दर विकसित देशों की तुलना में काफी कम है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में अभी इस वायरस के संक्रमण का दूसरा दौर (लोकल ट्रांसमिशन स्टेज )ही चल रहा है. यह अभी सामुदायिक संक्रमण के तीसरे चरण (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) में नहीं पहुंचा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि भारत में संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश में संक्रमण के मामले 100 से 1000 तक पहुंचने में 12 दिन लगे.

वहीं, विकसित देशों में इस अवधि में संक्रमित मरीजों की संख्या 3,500 से 8,000 तक पहुंच गयी. इससे स्पष्ट है कि भारत में इसके संक्रमण की दर तुलनात्मक रूप से कम है. इस स्थिति को नियंत्रण में रखने में प्रमुख योगदान लॉकडाउन का रहा. भारत को इस स्थिति से बचाने के लिए लॉकडाउन का प्रत्येक व्यक्ति को पूरी तरह से पालन करना होगा.

बुजुर्गों के लिए परामर्श

उम्रदराज लोग हर हाल में घर में ही रहें

नियमित रूप से घर में ही व्यायाम करें

नियमित अंतराल पर घर में भी हाथ व चेहरा साबुन से धोएं

बाहर से आनेवाले लोगों से किसी भी हाल में नहीं मिलें

सर्दी-खांसी होने पर िचकित्सक से परामर्श लें.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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