इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के उद्घाटन के लिए LG वीके सक्सेना और CM अरविंद केजरीवाल दोनों पहुंचे, ऐसे हुआ सामना

यूनिवर्सिटी कैंपस का उद्घाटन एलजी वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मिलकर किया. उद्घाटन के मौके पर मोदी जी जिंदाबाद के नारे भी लगाये गये. सीएम अरविंद केजरीवाल और एलजी वीके सक्सेना ने इस मौके पर एक साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के नये कैंपस के उद्घाटन को लेकर दिल्ली सरकार और दिल्ली एलजी के बीच तकरार के बीच आज सुबह एलजी वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे. एएनआई न्यूज एजेंसी द्वारा जारी वीडियो के अनुसार यूनिवर्सिटी कैंपस का उद्घाटन एलजी वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मिलकर किया. उद्घाटन के मौके पर मोदी जी जिंदाबाद के नारे भी लगाये गये. सीएम अरविंद केजरीवाल और एलजी वीके सक्सेना ने इस मौके पर एक साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, हालांकि यूनिवर्सिटी कैंपस के उद्घाटन को लेकर विवाद जारी है साथ ही दोनों के बीच पावर शेयरिंग को लेकर हमेशा तकरार होती रहती है.
#WATCH | Delhi Lt Governor VK Saxena and CM Arvind Kejriwal inaugurated the new campus of the Guru Gobind Singh Indraprastha University (GGSIPU). pic.twitter.com/onn1WqPDNC
— ANI (@ANI) June 8, 2023
अभी भी पावर शेयरिंग के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को बदला है जिसमें यह कहा गया था कि प्रदेश की चुनी हुई सरकार को ही ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार मिलना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल की जीत हुई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर एक बार फिर दिल्ली सरकार पर लगाम कसी है. इस अध्यादेश के खिलाफ अरविंद केजरीवाल पूरे देश में विपक्ष को एकजुट करने में जुटे हैं और कई राज्यों में जाकर मदद मांग रहे हैं.
अध्यादेश विवाद के बाद पहली बार एलजी वीके सक्सेना और सीएम अरविंद केजरीवाल एक फ्रेम में नजर आये हैं. हालांकि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी को बनाने का श्रेय आम आदमी पार्टी लेना चाहती है और वे इसे मनीष सिसौदिया का सपना बता रही है. आतिशी ने ट्वीट कर भाजपा को चैलेंज दिया है कि भाजपा वालों, अब ये करके दिखाओ. वे यह बता रही हैं कि दिल्ली सरकार द्वारा बनाये गये गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी का आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उद्घाटन करेंगे, लेकिन इस कार्यक्रम में एलजी वीके सक्सेना का पहुंच जाना और कैंपस का उद्घाटन करना एक अलग ही विवाद को जन्म दे रहा है.दरअसल जब आतिशी ने ट्वीट किया तो एलजी आॅफिस के तरफ से यह आपत्ति की गयी कि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी का उद्घाटन एलजी द्वारा किया जाना पहले से ही तय था, इसलिए वही इसका उद्घाटन करेंगे.
भाजपा वालों,
अब ये करके दिखाओ 😎आज @ArvindKejriwal जी दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए @GGSIPUIndia के नए ईस्ट कैंपस का उद्घाटन करेंगे।
मनीष जी, आपका काम मैं हरगिज़ रुकने नहीं दूँगी। pic.twitter.com/k8VJkqNw8D
— Atishi (@AtishiAAP) June 8, 2023
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लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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