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झारखंड स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली में राज्य की प्रगति की संभावनाओं पर मंथन

Updated at : 14 Nov 2024 7:38 PM (IST)
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Jharkhand Foundation Day Eve in Delhi

दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित परिचर्चा में शामिल अतिथिगण. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Foundation Day Eve: झारखंड एकेडमिक फोरम (JAF) ने झारखंड स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली में राज्य की प्रगति की संभावनाओं पर मंथन किया.

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Jharkhand Foundation Day: झारखंड स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन में परिचर्चा एवं मिलन समारोह का आयोजन हुआ. इसमें झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और उसके संरक्षण के साथ-साथ झारखंड की परंपराओं और रीति-रिवाजों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया गया.

झारखंड से जुड़े अहम मुद्दों पर हुआ संवाद

परिचर्चा में झारखंड की आर्थिक और सामाजिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन संवाद हुआ. वक्ताओं ने झारखंड की प्रगति के लिए संभावनाओं पर चर्चा करते हुए राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कदमों पर भी सुझाव दिए.

सुरेश जैन बोले- सामाजिक, शैक्षणिक क्षेत्र में व्यापक सुधार जरूरी

मुख्य अतिथि भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन ने झारखंड से जुड़े अपने अनुभव साझा किए. झारखंड के विकास में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक समरसता के महत्व को रेखांकित किया. बताया कि किस प्रकार से झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. उन्होंने कहा कि राज्य को आगे ले जाने के लिए सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र में व्यापक सुधार आवश्यक हैं.

विलुप्त होती संस्कृति को बचाने की जरूरत – जैन

उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर, उत्तराखंड, नगालैंड, झारखंड जैसे राज्यों की विलुप्त होती संस्कृति को आज के समय में बचाने की जरूरत है एवं अग्रिम विकसित राज्य के रूप में वहां गरीब लोगों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है.

प्रो निरंजन कुमार ने JAF के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला

झारखंड एकेडमिक फोरम (JAF) के संस्थापक एवं संयोजक प्रो निरंजन कुमार ने फोरम की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. कहा कि यह मंच झारखंड की प्रगति एवं विकास से जुड़कर सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यों को प्रोत्साहन देने का प्रयास कर रहा है.

झारखंड के विकास के लिए करना होगा सतत प्रयास – प्रो निरंजन

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और प्राकृतिक रूप से संपन्न होने के बाद भी झारखंड शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में भारत के सबसे पिछड़े राज्यों में एक है. इसलिए हम सभी को संकल्पबद्ध होकर झारखंड के विकास के लिए प्रयास करना होगा.

रवि शंकर ने की भारतीय सभ्यता में झारखंड के योगदान की सराहना

रवि शंकर ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति में झारखंड के योगदान की सराहना की. लक्ष्मण भावसिंहका ने समाजसेवा के माध्यम से झारखंड की उन्नति की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला. कहा कि ट्राइबल केंद्रित होना राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा है. मुरारी शरण शुक्ला ने झारखंड में जनजातीय संस्कृति की महत्ता बताते हुए राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देने पर बल दिया.

कार्यक्रम में इनकी भी रही भागीदारी

कार्यक्रम में झारखंड से जुड़े प्रोफेसरों, पत्रकारों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों व विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम का कुशल संचालन जेएमसी महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ शिवानी सक्सेना ने और धन्यवाद ज्ञापन एसएससीबीएस महाविद्यालय के अतिथि शिक्षक सतीश तिवारी ने किया.

झारखंड एकेडमिक फोरम के उद्देश्य क्या हैं

झारखंड एकेडमिक फोरम (JAF) का उद्देश्य झारखंड के विकास और प्रगति के लिए जागरूकता अभियान चलाना है. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिलब्ध प्रोफेसर्स, विचारक व विषय-विशेषज्ञों का यह फोरम झारखंड राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए दृढ़संकल्पित संस्था है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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