Delhi Stampede Video : हाथगाड़ी पर शव ढोए, रेलवे स्टेशन पर मौजूद कुली ने कहा- चप्पल और जूते बिखरे थे
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Feb 2025 2:02 PM
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की तस्वीर
Delhi Stampede Video : नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर कई तरह की खबर आई. कुलियों ने बताया कि उन्होंने हाथगाड़ियों पर शवों को ढोया.
Delhi Stampede Video : नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात मची भगदड़ के दौरान वहां मौजूद रहे कुलियों ने बताया कि उन्होंने हाथगाड़ियों पर शवों को ढोया. हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 12 से अधिक घायल हुए हैं. स्टेशन पर कुली के रूप में काम करने वाले कृष्ण कुमार जोगी ने बताया कि जब प्रयागराज जाने वाली ट्रेन स्टेशन पर पहुंची तो भीड़ अचानक बढ़ गई. उन्होंने कहा, ‘‘ पुल (फुटओवर ब्रिज) पर भारी भीड़ जमा हो गई. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई लोगों का दम घुटने लगा. करीब 10 से 15 लोगों की जान वहीं चली गई.’’
कृष्ण कुमार जोगी ने कहा, ‘‘ मैंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी. हमने प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 से शवों को एंबुलेंस तक पहुंचाया.” इस भगदड़ के कारणों पर उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु उपाध्याय ने कहा, ”फुटओवर ब्रिज से प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 की ओर उतरते समय कुछ लोग फिसल गये. अन्य लोगों के ऊपर गिर गए.”
चप्पल, जूता बिखरा नजर आया रेलवे स्टेशन पर
एक अन्य कुली बलराम ने हादसे के संबंध में कहा, ‘‘हमने शवों को उन्हीं हाथगाड़ियों पर ढोया जिनका उपयोग हम सामान उठाने के लिए करते हैं. मैं 15 साल से कुली हूं, लेकिन इतनी भारी भीड़ मैंने पहले कभी नहीं देखी.” एक अन्य कुली ने बताया कि शनिवार रात करीब 9:30 बजे जब प्रयागराज जाने वाली ट्रेन स्टेशन पर पहुंची तो भीड़ अचानक बढ़ गई. उन्होंने कहा, ‘लोगों की चप्पलें, जूते और अन्य सामान बिखरा हुआ था. हमने कई बच्चों और बुजुर्गों को भीड़ से बाहर निकाला.”
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मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा
अधिकारियों ने बताया कि महाकुंभ के कारण प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में चढ़ने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी जिससे यह भगदड़ मची. रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया. रेलवे के अनुसार, गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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