93 किमी की दूरी आठ घंटे में हो रही तय

Updated at : 18 May 2016 5:27 AM (IST)
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93 किमी की दूरी आठ घंटे में हो रही तय

देसरी : सवारी गाड़ी के लगातार विलंब से चलने के कारण लगातार परेशान हो रहे हैं लेकिन रेल प्रशासन इससे बेखबर है. पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल के सोनपुर स्टेशन से रात्रि में सवारी गाड़ी संख्या 75224 बरौनी के लिए चलती है. जिसका सोनपुर से खुलने का समय 21.00 बजे है और बरौनी पहुंचने […]

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देसरी : सवारी गाड़ी के लगातार विलंब से चलने के कारण लगातार परेशान हो रहे हैं लेकिन रेल प्रशासन इससे बेखबर है. पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल के सोनपुर स्टेशन से रात्रि में सवारी गाड़ी संख्या 75224 बरौनी के लिए चलती है. जिसका सोनपुर से खुलने का समय 21.00 बजे है और बरौनी पहुंचने का समय 23.45 बजे है. यह ट्रेन सोनपुर से तो समय पर खुलती है पर बरौनी जाते-जाते 4-5 घंटा देर हो जाती है.

लगातार विलंब से चल रही ट्रेन : रविवार को यह ट्रेन सोनपुर से 21.20 में खुली और सोमवार की सुबह 5.41 में बरौनी पहुंची. उसे रविवार की रात्रि 23.45 में ही उसे पहुंचना था. यह ट्रेन 93 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन आठ घंटा लगा रही है. ट्रेन तीन मई को 3 घंटा 45 मिनट, पांच मई को 4 घंटा 25 मिनट, छह मई को 4 घंटा 19 मिनट, सात मई को 4 घंटा 20 मिनट, आठ मई को 5 घंटा 18 मिनट, नौ मई को 3 घंटा 40 मिनट, तेरह मई 4 घंटा 30 मिनट, 1 मई को 5 घंटा 26 मिनट विलंब से बरौनी स्टेशन पर पहुंची. 93 किलोमीटर की दूरी आठ घंटे में तय करने में यात्री काफी मजबूर हो रहे हैं.
प्लेटफाॅर्म पर बैठ कर उंघते हैं लोग : जो यात्री इस ट्रेन से दूसरी ट्रेन पकड़ने के लिए चढ़ते वह यात्री ट्रेन में बैठ कर घड़ी की सूई पर देखते-देखते परेशान रहते हैं कि कहीं अगली ट्रेन छूट न जाये. इसके लिए वह भगवान से भी प्रार्थना करते हैं कि किसी तरह गाड़ी पकड़ी जाये और हम अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच जाएं. लेकिन यात्रियों की इतनी फजीहत के बाद भी रेल प्रशासन सुस्त पड़ा हुआ है. ऐसा नहीं कि यह ट्रेन एक-दो दिन ही देर से चलती है, यह तो महीना भर देर से ही चलती है. पर, सुधार के नाम पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
बुलेट ट्रेन का सपना दिखानेवाली रेल से खफा हैं लोग : एक तरफ देश के रेलमंत्री बुलेट ट्रेन चलाने के लिए कह रहे हैं, तो दूसरी ओर यह सवारी गाड़ी, जिस पर गरीबो-गुरबों व आम लोगों के समय की कोई कीमत नहीं समझी जा रही है. रेल विभाग की ऐसी व्यवस्था के विरुद्ध लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार अमीरों को ट्रेन से जल्दी पहुंचाने में लगा है, उसे आम लोगों की कोई फिक्र नहीं है. लोगों ने कहा कि बुलेट ट्रेनों से ही केवल लोगों का कल्याण नहीं होनेवाला है. सरकार समय को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की इस पीड़ा पर विचार करें और दो घंटे 45 मिनट की जगह आठ घंटे में पहुंचानेवाली ट्रेन के समय में सुधार लाये ताकि आमजन समय पर अपनी यात्रा पूरी कर सकें.
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