महिला सुरक्षा को लेकर कानून में संशोधन की जरूरत डीजी होमगार्ड ने कहा- बिहार के थानों में हो महिलाओं के लिए हेल्प डेस्क
सभी थानों में महिलाओं के लिए हेल्प डेस्क, शिकायत के लिए टॉल फ्री नंबर, महिला अपराध पर सुनवाई के लिए अलग कोर्ट और सार्वजनिक जगहों पर शिकायत करने की सुविधा की जरूरत है.
पटना. सभी थानों में महिलाओं के लिए हेल्प डेस्क, शिकायत के लिए टॉल फ्री नंबर, महिला अपराध पर सुनवाई के लिए अलग कोर्ट और सार्वजनिक जगहों पर शिकायत करने की सुविधा की जरूरत है.
ये बातें सोमवार को होमगार्ड और फायर सर्विस की डीजी शोभा अहोतकर ने कहीं. सोमवार को पटना के सरदार पटेल स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित महिला सुरक्षा पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत की गयी. इसका उद्घाटन डीजी होमगार्ड ने किया गया.
इस दौरान उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर कानून में संशोधन की जरूरत है. महिला सुरक्षा को राज्य में कड़ाई से लागू करने के लिए कई कानूनों में संशोधन किया जाना चाहिए. इसमें महिलाओं से जुड़े अपराध में जमानत नहीं देने और कई मामलों में सजा बढ़ाने का प्रावधान करना होगा.
महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में स्पीडी ट्रायल भी करने की जरूरत है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि मानव तस्करी के लिए अलग से पुलिस यूनिट का गठन किया जाना चाहिए. वहीं, पुलिस प्रशिक्षण के डीजी आलोक राज ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न न्यायालयों, आयोगों और बोर्ड के निर्देश पर बने कानूनों के बारे में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करना है.
प्रशिक्षण में एएसआइ, इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं. इस वित्तीय वर्ष 75 पुलिस पदाधिकारियों को तीन कोर्स इस वर्ष मार्च तक कराया जायेगा. पहले बैच में 25 पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया. इसमें विधि विज्ञान प्रयोगशाला, अभियोजन आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. 2019 में महिला सुरक्षा को लेकर 11 कोर्स में 277 पदाधिकारियों को शामिल गया गया था.
Posted by Ashish Jha
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