एनटीए ने कहा- दोबारा नहीं होगी NEET की परीक्षा, वायरल पेपर पहुंचने वाले छात्रों की की उम्मीदवारी होगी रद्द

नीट दोबारा नहीं लिया जायेगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने स्पष्ट कर दिया कि 12 सितंबर को हुआ नीट रद्द नहीं होगा.
पटना. नीट दोबारा नहीं लिया जायेगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने स्पष्ट कर दिया कि 12 सितंबर को हुआ नीट रद्द नहीं होगा. मालूम हो कि जयपुर जिले के भांकरोटा स्थित राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में नीट का सेंटर था. इस सेंटर से परीक्षा शुरू होते ही प्रश्नपत्र वाट्सएप के जरिये बाहर भेजकर सवालों को हल करवा लिया गया और परीक्षार्थियों को नकल करायी गयी थी. हालांकि, सेंटर के अंदर मोबाइल ले जाना मना है, लेकिन सेंटर की मिलीभगत से ऐसा किया गया. इसमें शामिल आठ लोगों को पकड़ा गया है.
एनटीए इसकी जांच कर रहा है कि वायरल प्रश्नपत्र किन-किन राज्यों में और किनके-किनके पास गया. वायरल प्रश्नपत्र की फाॅरवर्डिंग की जांच की जा रही है. पकड़े गये लोगों से पूछताछ जारी है.
एनटीए के महानिदेशक विनीत जोशी ने कहा कि प्रश्नपत्र बाहर आने की जांच चल रही है. इसमें शामिल लोगों की उम्मीदवारी रद्द कर दी जायेगी. वाट्सएप से जहां भी, जिस राज्य या जिनके भी इमेल या मोबाइल आदि पर यह प्रश्नपत्र भेजा गया है, उनकी जांच चल रही है. इसमें शामिल लोगों की उम्मीदवारी रद्द होगी.
मालूम हो कि बिहार में 190 से अधिक सेंटर बनाये गये थे, इनमें पटना जिले में 121 सेंटर थे. इन सेंटरों पर बिहार के 83,000 छात्रों ने परीक्षा दी थी.
एनटीए नीट की प्रोविजनल आंसर की जारी करने में जुटी हुई है. आंसर की जल्द ही जारी कर दी जायेगी. स्टूडेंट्स आंसर की पर आपत्ति भी दर्ज कर सकते हैं. आपत्ति दर्ज करने के बाद फाइनल आंसर की जारी की जायेगी. इसके बाद रिजल्ट भी जल्द जारी कर दिया जायेगा. एक माह में नीट का रिजल्ट जारी कर दिया जायेगा.
बनारस के सारनाथ के एक सेंटर पर त्रिपुरा की परीक्षार्थी हिना विश्वास के बदले परीक्षा देने के क्रम में पकड़ी गयी पटना की सॉल्वर जूली के भाई अभय कुमार मेहता को भी यूपी पुलिस ने बनारस से गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से नीट के कई एडमिट कार्ड व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं.
खास बात यह है कि नीट में सेटिंग करने के मामले में गिरफ्तार ओसामा शाहिद लखनऊ के केजीएमयू के अंतिम वर्ष का छात्र है. यह यूपी जिले के मऊ का रहने वाला है. पुलिस ने इसे मऊ से ही गिरफ्तार किया था. पुलिस को अब हिना विश्वास व जूली के पिता मुन्ना कुमार मेहता की तलाश है.
इस पूरे सेटिंग का मास्टरमाइंड पीके उर्फ प्रेम कुमार भी फिलहाल फरार है. लेकिन इन सभी के पकड़े जाने के बाद यह स्पष्ट हो चुका है कि देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज केजीएमयू, बीएचयू व अन्य के छात्र सॉल्वर बन कर दूसरे के बदले में परीक्षा दे रहे हैं और सेटिंग गिरोह के संपर्क में हैं.
सूत्रों का कहना है कि पकड़े गये इन सभी के मोबाइल फोन से सेटिंग करने वाले गिरोह के कई सदस्यों के संबंध में जानकारी मिल सकती है. मालूम हो कि बीएचयू के बीडीएस साइंस की छात्रा जूली का घर पटना की संदलपुर वैष्णवी कॉलोनी में है.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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