टीबी स्क्रीनिंग अभियान में 42 हजार लोगों की जांच, 11 नए मरीज मिले

आंगनबाड़ी केंद्र पर की जा रही जांच | Prabhat Khabar Network
सुपौल में 'टीबी मुक्त भारत' अभियान ने रफ्तार पकड़ी है, जिसके तहत 42 हजार से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है. अभियान के दौरान 11 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई है, जिनका इलाज शुरू हो गया है.
सुपौल : केंद्र एवं राज्य सरकार के 'टीबी मुक्त भारत' अभियान के तहत चल रहे 100 दिवसीय विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान को प्रखंड में तेज गति से संचालित किया जा रहा है. अभियान के तहत 40 स्वास्थ्य संस्थानों के अलावा आरबीएसके टीम, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी एवं आंगनबाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर लोगों की टीबी स्क्रीनिंग कर रही हैं. बीते 4 जुलाई से अभियान को और अधिक गति दी गई है.
स्वास्थ्य विभाग की टीम संभावित मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों तक लाकर उनकी जांच करा रही है. स्क्रीनिंग के दौरान जिन लोगों में टीबी के लक्षण पाए जा रहे हैं, उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल भेजा जा रहा है, जहां उनका चेस्ट एक्स-रे और स्पुटम (बलगम) परीक्षण कराया जा रहा है. वहीं अस्पताल आने में असमर्थ मरीजों का स्पुटम नमूना उप स्वास्थ्य केंद्र पर ही एकत्र कर कुरियर के माध्यम से अनुमंडलीय अस्पताल भेजा जा रहा है, ताकि समय पर जांच और इलाज सुनिश्चित हो सके.
अस्पताल प्रबंधक एस. अदीब अहमद ने बताया कि प्रखंड में 80 हजार लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक 42 हजार लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है. जांच के दौरान 11 नए टीबी मरीजों की पहचान हुई है, जिनका उपचार तत्काल शुरू कर दिया गया है. साथ ही सरकार की ओर से मिलने वाली 3,000 रुपये की पोषण सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
उन्होंने बताया कि अब तक 103 टीबी मरीजों को पोषण सहायता राशि के भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. इसके अलावा लगभग 1,200 लोगों का चेस्ट एक्स-रे तथा 1,150 लोगों की ट्रूनेट जांच की जा चुकी है.
अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि यह विशेष अभियान 31 जुलाई तक चलेगा. आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना या रात में अधिक पसीना आने जैसी शिकायत हो तो वे बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में नि:शुल्क टीबी जांच कराएं. समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी का पूरी तरह इलाज संभव है.
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लेखक के बारे में
By राजीव कुमार झा
राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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