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छातापुर में सुरसर नदी मचा रही तबाही, पानी से घिर गए हैं कई गांव

Updated at : 09 Oct 2025 6:16 PM (IST)
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छातापुर में सुरसर नदी मचा रही तबाही, पानी से घिर गए हैं कई गांव

कई सड़कें क्षतिग्रस्त, आवागमन की समस्या बनी गंभीर

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– नदी की उफनाई जलधारा ने रानीपट्टी वितरणी नहर को कई जगहों पर कर दिया है क्षतिग्रस्त – कई सड़कें क्षतिग्रस्त, आवागमन की समस्या बनी गंभीर – फसल के पानी में डूबने से किसानों के बीच बनी है त्राहिमाम की स्थिति छातापुर. सुरसर नदी उफान पर है और हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है. नदी के क्षतिग्रस्त तटबंध के कई बिंदुओं से निकली पानी की तेज बहाव ने भारी तबाही मचा दी है. पिछले दो दिनों से नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण सैकड़ों एकड़ में लगी फसल जलमग्न हो गई है. आधा दर्जन से अधिक पंचायत के दर्जनों बस्ती पानी से घिर गए हैं. घरों में पानी प्रवेश कर जाने से लोगों के समक्ष विकट समस्या हो गई है. सुरसर नदी की उफनाई जलधारा ने रानीपट्टी वितरणी नहर को कई जगहों पर क्षतिग्रस्त कर दिया है. फसल के पानी में डूबने से किसानों के बीच त्राहिमाम की स्थिति बन गई है. इतना ही नहीं नदी के पानी के लगातार फैलते जाने से दर्जन भर ग्रामीण पक्की सड़कें या तो क्षतिग्रस्त हो गई है या फिर सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है. नदी का पानी गांव के दर्जनों घरों में प्रवेश कर गया है. इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. पानी का बहाव इस कदर है कि महद्दीपुर से लेकर छातापुर पंचायत के राजवाड़ा के बीच एसएच 91 का दोनों किनारा पानी से घिरा नजर आ रहा है. माधोपुर, रामपुर, लालगंज, झखाड़गढ़, छातापुर, चुन्नी, महम्मदगंज, डहरिया, घीवहा एवं राजेश्वरी पश्चिम के कई गांव में नदी का पानी फैल गया है. इसका नतीजा है कि ग्रामीणों के बीच पेयजल से लेकर आवागमन की समस्या हो गई है. पानी फैल जाने से पशुपालक मवेशी की चारा के लिए चिंतित हो गए हैं. ग्रामीणों की मानें तो साल 2008 की कुशहा त्रासदी के बाद पहली बार इस प्रकार की स्थिति बनी है. प्रखंड क्षेत्र के लिए शोक की नदी कहलाने वाली सुरसर साल दर साल हजारों की आबादी के लिए मुसीबत बन रही है. सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को होता है. यह समस्या पिछले दो दशक से नौ पंचायत के लोग झेलने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन सरकार सुरसर नदी के क्षतिग्रस्त तटबंध का जीर्णोद्धार कराने की दिशा में ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है. तीन महीने पहले करोड़ों की लागत से नदी में कराया गया चैनेलाइजेशन का कार्य बेकार साबित होकर अनुपयोगी बना हुआ है. उधर, सीओ राकेश कुमार ने बताया कि बारिश का जमा पानी मैन कैनाल की ओर से नदी में आ रहा है. जानकार ने बताया है कि शुक्रवार से पानी घटना शुरू हो जाएगा. बताया कि अंचल क्षेत्र का लगातार भ्रमण कर हालात की जानकारी ली जा रही है. कृषि विभाग, सिंचाई विभाग एवं आरडब्लूडी को स्थिति से अवगत करा दिया गया है. पानी घटने के बाद जो भी आवश्यकता होगी उस दिशा में कार्रवाई की जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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