विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर चिकित्सकों ने लगवाया टीका, आईडीए सुपौल ने शुरू किया विशेष वैक्सीनेशन अभियान

विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन के चिकित्सक | Prabhat Khabar Network
Supaul News: विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) सुपौल शाखा ने चिकित्सकों के लिए एक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया. इस पहल के माध्यम से, स्वास्थ्यकर्मियों ने हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बचाव के महत्व पर जोर दिया.
Supaul News: विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सुपौल में इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) की पहल ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया. आईडीए सुपौल शाखा की ओर से चिकित्सकों के बीच विशेष हेपेटाइटिस वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया, जिसमें डॉक्टरों ने स्वयं टीका लगवाकर लोगों को समय पर टीकाकरण और जागरूकता का संदेश दिया. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है.
यह अभियान केवल चिकित्सकों के टीकाकरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में यह संदेश पहुंचाना था कि संक्रमण से बचाव के लिए समय पर वैक्सीन लेना बेहद जरूरी है. खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए हेपेटाइटिस का टीका सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, क्योंकि वे प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों के सीधे संपर्क में रहते हैं.
क्यों जरूरी है हेपेटाइटिस का टीका?
कार्यक्रम के दौरान इंडियन डेंटल एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि हेपेटाइटिस एक गंभीर संक्रमण है, जो मुख्य रूप से लीवर को प्रभावित करता है. समय पर पहचान और टीकाकरण से इसके कई प्रकारों से बचाव संभव है.
विशेष रूप से डॉक्टर, दंत चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी संक्रमण के अधिक जोखिम वाले समूह में आते हैं. ऐसे में नियमित टीकाकरण न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि मरीजों तक संक्रमण फैलने की संभावना को भी कम करता है.
चिकित्सकों ने दिया जागरूकता का संदेश
आईडीए सुपौल शाखा के सदस्यों ने स्वयं हेपेटाइटिस का टीका लगवाकर लोगों को प्रेरित किया कि वे भी अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दें.
चिकित्सकों ने कहा कि कई लोग हेपेटाइटिस के खतरे को गंभीरता से नहीं लेते, जबकि यह बीमारी लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए समय पर जांच, जागरूकता और टीकाकरण बेहद आवश्यक है.
स्वास्थ्यकर्मियों के लिए क्यों है यह सुरक्षा कवच?
कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत लोगों का रक्त, शारीरिक द्रव और संक्रमित सामग्री के संपर्क में आने का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है.
ऐसे में हेपेटाइटिस वैक्सीन उन्हें संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों का सुरक्षित रहना पूरे स्वास्थ्य तंत्र की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है.
Supaul News: लोगों से भी की गई टीकाकरण की अपील
कार्यक्रम के दौरान इंडियन डेंटल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ डीके मिश्रा, सचिव डॉ करण अपूर्व, डॉ सोनू रूल, डॉ सूरज कुमार, डॉ सुमित सोनम, डॉ अभिषेक आनंद, डॉ सैफुल्लाह सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे.
सभी चिकित्सकों ने आम लोगों से भी अपील की कि वे हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक रहें, आवश्यक जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय पर टीकाकरण कराएं. उनका कहना था कि जागरूकता, समय पर वैक्सीन और सावधानी ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी रास्ता है.
विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर आयोजित यह अभियान इस बात का संदेश देता है कि स्वास्थ्य सुरक्षा केवल अस्पतालों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी भी है.
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लेखक के बारे में
By राजीव कुमार झा
राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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