जमाबंदी अपडेट में सुस्ती पर सख्ती, पिपरा में अब रोज भेजनी होगी प्रगति रिपोर्ट
समीक्षा बैठक करते उपसमाहर्ता | Prabhat Khabar Network
जमाबंदी अद्यतन महा-अभियान में तेजी लाने के लिए वरीय उपसमाहर्ता ने पिपरा अंचल कार्यालय का दौरा कर कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने समय सीमा में कार्य पूरा करने और त्रुटियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए.
Jamabandi Update Pipra: जमीन की जमाबंदी में नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा या चौहद्दी की छोटी सी गलती भी आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. दाखिल-खारिज से लेकर जमीन के अधिकार और उत्तराधिकार तक कई काम ऐसे हैं, जो सही राजस्व रिकॉर्ड पर निर्भर करते हैं. इसी वजह से पिपरा अंचल में चल रहे जमाबंदी अद्यतन महा-अभियान की प्रगति को लेकर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है.
सोमवार को वरीय उपसमाहर्ता सह डीसीएलआर अंजू कुमारी पिपरा अंचल कार्यालय पहुंचीं और अभियान की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने अंचलाधिकारी आकांक्षा कुमारी और राजस्व अधिकारी सुभाष चंद्र चौधरी के साथ बैठक कर अब तक हुए काम की बिंदुवार जानकारी ली. समीक्षा के दौरान शेष काम को तय समय सीमा में पूरा करने के साथ प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया.
पिपरा में 94 हजार से अधिक जमाबंदी रैयत
पिपरा अंचल में कुल 94 हजार 138 जमाबंदी रैयत हैं. इतनी बड़ी संख्या में राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. अभियान के तहत पुराने जमाबंदी अभिलेखों में दर्ज विवरण की जांच की जा रही है.
नाम, पिता का नाम, खाता, खेसरा, रकबा और जमीन की चौहद्दी से संबंधित त्रुटियों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुरुस्त किया जाना है. इसके साथ ही ऐसे जमाबंदीधारियों के रिकॉर्ड को भी अपडेट किया जाना है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है.
मृत जमाबंदीधारी के स्थान पर उसके वैध उत्तराधिकारियों के नाम से उत्तराधिकार नामांतरण करना भी इस अभियान का अहम हिस्सा है. इससे राजस्व रिकॉर्ड में जमीन के वर्तमान वैध हकदारों की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी.
एक गलती से वर्षों तक चल सकता है जमीन का विवाद
जमीन के कागजात में दर्ज छोटी गलती कई बार आम लोगों के लिए लंबे समय तक परेशानी का कारण बन जाती है. नाम या खाता-खेसरा में अंतर रहने पर रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं.
इसी तरह किसी जमाबंदीधारी की मृत्यु के बाद रिकॉर्ड में उसके वारिसों का नाम दर्ज नहीं होने से भविष्य में उत्तराधिकार से जुड़े विवाद की स्थिति बन सकती है. प्रशासन का मानना है कि जमाबंदी रिकॉर्ड को समय पर त्रुटिरहित और अद्यतन करने से ऐसी परेशानियों को कम किया जा सकता है.
दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे राजस्व कार्यों में भी सही रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऐसे में पिपरा में चल रहा अभियान केवल रिकॉर्ड अपडेट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध जमीन के कागजात को व्यवस्थित रखने और भविष्य की परेशानियों को कम करने से है.
राजस्व कर्मचारियों और अमीनों को मिला स्पष्ट लक्ष्य
समीक्षा बैठक में डीसीएलआर अंजू कुमारी ने जमाबंदी अद्यतन कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. राजस्व कर्मचारियों, अमीन और डाटा ऑपरेटरों को लक्ष्य निर्धारित कर काम पूरा कराने को कहा गया है.
साथ ही हर दिन की प्रगति रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है. इससे अभियान की रफ्तार की नियमित निगरानी की जा सकेगी और यह पता चल सकेगा कि किस स्तर पर कितना काम पूरा हुआ है और कितना काम बाकी है.
प्रशासन की सख्ती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभियान केवल कागजी प्रक्रिया बनकर न रह जाए, बल्कि तय समय सीमा में वास्तविक रूप से जमाबंदी रिकॉर्ड अपडेट हो.
विशेष शिविर से लोगों को मिल रही सुविधा
अंचलाधिकारी आकांक्षा कुमारी ने बताया कि पिपरा अंचल में जमाबंदी अद्यतन का काम तेजी से चल रहा है. लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं.
इन शिविरों के माध्यम से लोग अपनी जमाबंदी से जुड़ी त्रुटियों के निराकरण के लिए संबंधित प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं. इससे लोगों को अपनी जमीन के रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को सामने लाने और उन्हें साक्ष्य के आधार पर दुरुस्त कराने का अवसर मिल रहा है.
अंचलाधिकारी ने कहा कि वरीय उपसमाहर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा.
Jamabandi Update Pipra: अब रोज की रिपोर्ट से होगी काम की निगरानी
पिपरा अंचल में बड़ी संख्या में जमाबंदी रैयत होने के कारण अभियान की प्रगति लगातार निगरानी में रखना प्रशासन के लिए जरूरी है. रोजाना प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश के बाद अब काम की गति पर जिला स्तर से भी नजर रखी जा सकेगी.
आम रैयतों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में यदि नाम, खाता-खेसरा, रकबा, चौहद्दी या उत्तराधिकार संबंधी कोई त्रुटि है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया और साक्ष्य के आधार पर दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाए.
आगे अभियान कितना प्रभावी रहता है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि लंबित जमाबंदियों के अद्यतन का काम कितनी तेजी से पूरा होता है और विशेष शिविरों के माध्यम से लोगों की शिकायतों का कितनी प्रभावी तरीके से समाधान किया जाता है. फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि काम की रफ्तार पर अब रोजाना नजर रखी जाएगी.
बैठक में अंचल के सभी राजस्व कर्मचारी, अमीन और कार्यालय कर्मी मौजूद थे.

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