दखल-दिहानी को पहुंचे प्रशासन, भूमिहीन दलित परिवारों के विरोध के बाद लौटे खाली हाथ

Updated:
विज्ञापन

व्यवहार न्यायालय से जारी आदेश के आलोक में बुधवार को सीओ उमा कुमारी कोर्ट कर्मियों व पुलिस बल के साथ पथरा चौक स्थत विवादित भूमि पर दखल-दिहानी कराने पहुंची.

विज्ञापन

कटैया-निर्मली. व्यवहार न्यायालय से जारी आदेश के आलोक में बुधवार को सीओ उमा कुमारी कोर्ट कर्मियों व पुलिस बल के साथ पथरा चौक स्थत विवादित भूमि पर दखल-दिहानी कराने पहुंची. प्रशासन के पहुंचते ही मौके पर रह रहे दलित समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. विवाद में शामिल 23 परिवारों ने एक स्वर में कहा कि वे सभी भूमिहीन हैं “पहले सरकार हमें जमीन देकर बसाए, फिर खाली कराए.” लोगों ने अदालत के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि बिना समुचित जांच-पड़ताल के सरकारी भूमि किसी एक व्यक्ति के पक्ष में दे दी गयी, जो न्यायसंगत नहीं है. आक्रोशित लोगों का कहना था कि विवादित भूमि केसरे हिंद, भारत सरकार की जमीन है. जिसे किसी निजी व्यक्ति को सौंपा जाना सरासर अन्याय है. उन्होंने सवाल उठाया कि बिना बासगीत पर्चा दिये भूमिहीनों को हटाना किस तरह का न्याय है? मौके पर आक्रोशित भीड़ और प्रशासन के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई. स्थिति को देखते हुए एक ओर पुलिस बल की कम संख्या और दूसरी ओर पीड़ित परिवारों की बड़ी भीड़ प्रशासन को दखल-दिहानी की कार्रवाई किये बिना लौटना पड़ा. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा, जबकि प्रभावित परिवारों ने मांग की कि भूमिहीनों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी भी तरह की बेदखली कार्रवाई न की जाये.

विज्ञापन
RAJEEV KUMAR JHA

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन