देशभक्ति की मिसाल थे स्वतंत्रता सेनानी पंडित अच्युतानंद झा

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सुपौल के जगतपुर गांव के स्वतंत्रता सेनानी पंडित अच्युतानंद झा ने अपना जीवन देश की आजादी के संघर्ष में समर्पित कर दिया. उन्होंने दांडी यात्रा और भारत छोड़ो आंदोलन में अहम भूमिका निभाई, जिनकी देशभक्ति आज भी प्रेरणा देती है.

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सुपौल . देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों में सदर प्रखंड के जगतपुर गांव निवासी स्व. पंडित अच्युतानंद झा का नाम श्रद्धा और सम्मान के साथ लिया जाता है. उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते हुए बिताया. उनका त्याग और संघर्ष आज भी नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है.

15 अगस्त 1886 को हुआ था जन्म

स्व. अच्युतानंद झा का जन्म 15 अगस्त 1886 को तत्कालीन भागलपुर जिला अंतर्गत सुपौल अनुमंडल से करीब दस किलोमीटर दूर स्थित जगतपुर गांव में हुआ था. बचपन से ही वे धार्मिक प्रवृत्ति के साथ देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे. समय के साथ अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष और देश को स्वतंत्र कराने का जुनून उनके भीतर बढ़ता गया.

दांडी यात्रा में भी लिया हिस्सा

राष्ट्रभक्ति से प्रेरित होकर पंडित अच्युतानंद झा स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गए. उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई और दांडी यात्रा में भी भाग लिया. पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने देशहित को सर्वोपरि रखा और स्वतंत्रता आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे.

भारत छोड़ो आंदोलन में रहे सक्रिय

9 अगस्त 1942 से शुरू हुए भारत छोड़ो आंदोलन में भी पंडित अच्युतानंद झा ने सक्रिय भूमिका निभाई. आंदोलन के दौरान अंग्रेजी शासन ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जेल में उन्हें यातनाएं सहनी पड़ीं, लेकिन उनका हौसला नहीं टूटा. वे अपने उद्देश्य और देश की आजादी के लिए संघर्ष करते रहे.

कई साथियों के साथ मिलकर किया संघर्ष

स्वतंत्रता सेनानी स्व. जयराम मिश्र सहित कई अन्य साथी भी उनके साथ स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे. सभी ने मिलकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज बुलंद की और देश की आजादी के लिए संघर्ष किया.

9 अगस्त 1971 को हुआ निधन

पंडित अच्युतानंद झा का निधन 9 अगस्त 1971 को हुआ. उनका जन्म और पुण्यतिथि दोनों ही स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियों के साथ जुड़े हैं. उनका जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है. आज भी उनका जीवन नई पीढ़ी को देश के प्रति समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है.

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राजीव कुमार झा

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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