सदर प्रखंड के 23 स्वास्थ्य केंद्र है एक भी महिला चिकित्सक, महिलाओं को होती है परेशानी

Published at :03 Feb 2025 6:48 PM (IST)
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सदर प्रखंड के 23 स्वास्थ्य केंद्र है एक भी महिला चिकित्सक, महिलाओं को होती है परेशानी

केंद्र पर प्रतिनियुक्ति एएनएम द्वारा महिलाओं को प्रसव करवाया जाता है.

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फोटो – 06 कैप्सन – बरैल अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी सुपौल लाख प्रयास के बावजूद स्वास्थ्य विभाग सुदृढ़ नहीं हो पा रहा है. सदर प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के 26 पंचायत के लोगों के लिए 23 स्वास्थ्य केंद्र है. जिनमें तीन एपीएचसी सेंटर एवं 20 एचडब्ल्यूसी स्वास्थ्य केंद्र हैं. हैरानी की बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में 23 स्वास्थ्य केंद्र रहने के बावजूद भी एक भी महिला डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति नहीं है. ग्रामीण इलाके में एक मात्र अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लौकहा है. जहां 24 x7 लोगों को सुविधा के साथ- साथ प्रसव का समुचित व्यवस्था है. लेकिन इस केंद्र पर एक भी महिला चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति नहीं की गयी है. जिससे महिलाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. वहीं केंद्र पर प्रतिनियुक्ति एएनएम द्वारा महिलाओं को प्रसव करवाया जाता है. अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लौकहा में दो आयुष चिकित्सक डॉ विजय कुमार एवं डॉ रितेश कुमार पदस्थापित हैं. वहीं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरैल में एक एमबीबीएस डॉ अभिषेक कुमार बच्चन एवं एक आयुष चिकित्सक मुकेश कुमार है. जबकि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुखपुर में खुद प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ गोपाल कुमार प्रतिनियुक्त हैं. ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी के कारण एक बड़ी आबादी को प्रारंभिक उपचार कराने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. एएनएम की देखरेख में मरीजों का होता है इलाज हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर वीणा, चौघारा, बलहा, करिहो, परसरमा, लालचंदपट्टी, बरुआरी में सीएचओ प्रतिनियुक्त हैं. वहीं 13 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम की देखरेख में लोगों का इलाज किया जाता है. जिससे हल्की तेज बुखार आने पर भी लोगों को ग्रामीण क्षेत्र से सदर अस्पताल सुपौल आना पड़ता है. करीब 3.50 लाख से अधिक की आबादी वाले सदर प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में महज दो एमबीबीएस डॉक्टर एवं तीन आयुष चिकित्सक के भरोसे इलाज हो रहा है. इतनी बड़ी आबादी के बावजूद एक भी महिला चिकित्सक का नहीं होना स्वास्थ्य विभाग पर कई तरह के सवाल खड़े करते हैं. कहते हैं सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर ने बताया कि जिले में डॉक्टरों की कमी के कारण कई केंद्रों पर डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति नहीं हो पायी है. कई केंद्रों पर भवन नहीं रहने के कारण हेल्थ एंड वेलनेस के तहत प्रसव की सुविधा नहीं मिल रही है. डॉक्टर की कमी को लेकर विभाग को पत्राचार किया गया है. डॉक्टर की कमी दूर होने पर सभी जगहों पर चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ की देखरेख में मरीजों का इलाज हो रहा है. वहीं उप स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम से सहयोग लिया जा रहा है.

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