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वार्ड पार्षदों व मुख्य पार्षद के बीच चल रहे विवाद से विकास कार्यों पर लगा ब्रेक

Updated at : 16 Dec 2025 6:26 PM (IST)
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वार्ड पार्षदों व मुख्य पार्षद के बीच चल रहे विवाद से विकास कार्यों पर लगा ब्रेक

जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्षदों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

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– त्रिवेणीगंज मुख्य पार्षद पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए वार्ड पार्षदों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन – जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्षदों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी त्रिवेणीगंज. वार्ड पार्षदों और मुख्य पार्षद के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. आपसी टकराव दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है, जिसका सीधा असर नगर क्षेत्र के विकासात्मक कार्यों पर पड़ रहा है. नगर परिषद में जारी खींचतान के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाएं ठप पड़ी हैं. वहीं आमलोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. ताजा मामला सोमवार का है, जब उप मुख्य पार्षद गीता देवी की अध्यक्षता में नगर परिषद के सभी वार्ड पार्षदों ने मुख्य पार्षद संगीता कुमारी यादव के खिलाफ धरना दिया. इस दौरान पार्षदों ने मुख्य पार्षद पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर परिषद में व्याप्त कथित अनियमितताओं और मनमानी कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के बाद शाम में सभी पार्षदों ने ईओ राज साहिल के माध्यम से एसडीएम अभिषेक कुमार के नाम सात सूत्री ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में वार्ड पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद में विकास कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है और एनआईटी 4 (निविदा प्रक्रिया) में धांधली की गई है. पार्षदों का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से टेंडर दिए गए, जिससे नगर परिषद की छवि धूमिल हुई है. इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा चुनाव से पूर्व कराए गए एसआईआर के दौरान मुख्य पार्षद का नाम मतदाता सूची से कटने के बावजूद उनके पद पर बने रहने पर भी सवाल खड़े किए हैं. वार्ड पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य पार्षद द्वारा नियमित रूप से बोर्ड बैठक नहीं बुलाई जाती है, जिससे नगर परिषद के कार्य बाधित हो रहे हैं. पार्षदों का कहना है कि क्षेत्र की जनसमस्याओं और विकास से जुड़े प्रस्तावों को जानबूझकर बोर्ड की बैठक के एजेंडा में शामिल नहीं किया जाता है, जिससे वार्डों में जरूरी कार्य अटके हुए हैं. इससे ना केवल पार्षदों की भूमिका सीमित हो रही है, बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान भी समय पर नहीं हो पा रहा है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगर परिषद में निर्णय लेने की प्रक्रिया एकतरफा हो गई है. पार्षदों के अनुसार बिना बहुमत और आपसी सहमति के फैसले लिए जा रहे हैं जो नगर परिषद अधिनियम और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है. पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने एसडीएम से हस्तक्षेप कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नगर परिषद में सुचारु रूप से विकास कार्य बहाल कराने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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