Supaul ऐतिहासिक खोज: ‘ज्ञान भारत मिशन’ के तहत 100 वर्ष पुरानी पांडुलिपि मिली, जिले में जागी सांस्कृतिक चेतना
Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 27 Apr 2026 1:43 PM
ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान में सुपौल जिले को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है.
सुपौल से राजीव झा की रिपोर्ट Supaul News : ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान में सुपौल जिले को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पिपरा प्रखंड के ग्राम जोल्हनियां से लगभग 100 वर्ष पुरानी एक अनमोल हस्तलिखित पांडुलिपि (ग्रंथ) की खोज की गई है, जो जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिला रही है. इस महत्वपूर्ण खोज का श्रेय ग्राम जोल्हनियां निवासी शंभू शरण चौधरी को जाता है, जिनके प्रयासों से यह ऐतिहासिक धरोहर सामने आ सकी. यह प्राचीन ग्रंथ 60 वर्षीय डोमी मंडल के घर से प्राप्त हुआ, जिसे उनके दादाजी द्वारा लिखे जाने के बाद से परिवार ने पीढ़ी दर पीढ़ी सुरक्षित रखा था. अपनी विरासत के प्रति डोमी मंडल का यह समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है. जिला प्रशासन के सक्रिय प्रयासों के चलते सुपौल अब प्राचीन ज्ञान के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. अब तक जिले से कुल 103 पांडुलिपियाँ प्राप्त की जा चुकी हैं, जिनमें से 86 पांडुलिपियों को ‘ज्ञान भारतम्’ ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में अपलोड कर वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा चुका है. जिलाधिकारी सावन कुमार ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास उनके पूर्वजों से जुड़ी कोई भी प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपि, ग्रंथ या दस्तावेज सुरक्षित है, तो उसे सामने लाएं. यह प्रयास न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करेगा.
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