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Sonepur : सीवान के सुल्तान- सोनपुर की बिजली पर सबकी नजर, कुत्तों के दाम जान दांतों तले दबा लेगें उंगली

Updated at : 13 Nov 2022 7:14 PM (IST)
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Sonepur : सीवान के सुल्तान- सोनपुर की बिजली पर सबकी नजर, कुत्तों के दाम जान दांतों तले दबा लेगें उंगली

Sonepur Mela मेला को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है. मेले में घोड़े हाथी से लेकर कुत्ते बिल्ली तक की बिक्री हो रही है. इसके अलावा, मेले में शस्त्रों के शौकिन भी जुट रहे हैं. विभिन्न प्रकार के तलवारों, भाला, लाठी आदि की बिक्री हो रही है.

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साहब… ये सीवान का सुल्तान है. इसकी कीमत 1.50 लाख है. इसकी फुर्ती ऐसी है कि एक झलांग में ही आप को हवा से बात कराने लगेगा. हमने इसको कुछ साल पहले यहां से ही दो घोड़े खरीदे थे. बादल तो 1.51 लाख में बिक गया. अब तो घोड़ा रखना शौक का मामला है. सोनपुर मेला क्षेत्र के अंग्रेजी बाजार में एक से एक बढ़ कर घोड़ों की प्रदर्शनी लगी है. सोनपुर की बिजली घोड़ी की कीमत 3.5 लाख तो हाजीपुर के भोला घोड़ा की कीमत 1.24 लाख लगायी गयी है. यहां करीब 50 करोड़ के 4000 घोड़े बिक्री के लिए आये हैं. इसके अलावा मेले में शस्त्रों के शौकिन भी जुट रहे हैं. विभिन्न प्रकार के तलवारों, भाला, लाठी आदि की बिक्री हो रही है. 300 से लेकर 700 तक की तलवारें बिक्री हो रही है.

20 हजार तक कुत्तों की कीमत

सोनपुर का चिड़िया बाजार अब कुत्ता और खरगोश बाजार में बदल गया है. यहां कुत्तों की प्रदर्शनी लगायी जा रही है. करीब 500 से अधिक कुत्ते लाये गये हैं. यहां जर्मन सेफर्ड नस्ल के कुत्तों की कीमत 15 हजार और विकल नस्ल के कुत्तों की कीमत 20 हजार तक है. इसके अलावा 18 हजार में लेब्राडोर, पांच हजार में पॉमेलियन से लेकर अन्य कई नस्ल के कुत्ते हैं. खरगोश 500 से 700 रुपये जोड़ा तक बिक्र रहा है. यहां हर दिन 50 से अधिक कुत्तों की बिक्री हो जाती है.

अब पशु बाजार के नाम पर सिर्फ जगह

सोनपुर मेला में घोड़ा, कुत्ता खरगोश आदि को छोड़ कर अब अन्य पशु-पक्षियों की बिक्री नहीं हो रही है. गाय बाजार में अब ऑटोमोबाइल कंपनियां ट्रैक्टर, बाइक, स्कूटी आदि की प्रदर्शनी लगाती हैं. अंग्रेजी बाजार अब घोड़ा बाजार बन गया है. चिड़िया बाजार में कुत्तों की बिक्री हो रही है. बैल बाजार में झूला और चाट समोसे की दुकानें लगी हैं.

नखास में मुख्य मेला क्षेत्र, विभागों की प्रदर्शनी

सोनपुर के नखास क्षेत्र में पर्यटन विभाग की ओर से मुख्य पंडाल लगाया गया है. पूरे दिन यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं. छह नवंबर से लेकर सात दिसंबर तक चलने वाले मेला में मुख्य पंडाल के पास ही विभिन्न सरकारी विभागों की एक दर्जन से अधिक प्रदर्शनी लगी है. वहीं, रेलवे प्रदर्शनी की शुरुआत होनी बाकी है.

आर्ट एंड क्राफ्ट की लगी है प्रदर्शनी

नखास में ही आर्ट एंड क्राफ्ट की प्रदर्शनी लगायी गयी है. कही दो दर्जन से अधिक दुकानें हैं. फुड कोर्ट से लेकर सेल्फी प्वाइंट तक बनाया गया है. यहां लोगों की भीड़ लग रही है. मुख्य पंडाल और आर्ट एंड क्राफ्ट की प्रदर्शनी स्थल पर सैंड आर्ट से कलाकृतियां बनायी गयी हैं. सोनपुर मेला अब लगभग 2.5 वर्ग किमी में फैला हुआ है. कभी खुले मैदान में क्षेत्र में लगने वाला मेला अब छोटे-छोटे जगहों में सिमट कर रह गया है. वैसे तो जनश्रुति है कि कभी 500 एकड़ में मेला क्षेत्र हुआ करता था. मगर, साक्ष्य के मुताबिक 1960 में प्रकाशित सारण गैजेटियर के अनुसार मेला 4.5 वर्ग मील में हुआ करता था. जो अब सिमट कर छोटा हो गया है.

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