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बूंदाबांदी के बाद भी गर्मी से नहीं मिली राहत

Updated at : 30 Jun 2025 10:07 PM (IST)
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बूंदाबांदी के बाद भी गर्मी से नहीं मिली राहत

सोमवार को उमसभरी ने लोगों को दिन भर बेचैन रखा. सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा जमा रहा. अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गयी, लेकिन इसके बावजूद उमस ने लोगों को खूब सताया. अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 28 सेल्सियस दर्ज किया गया.

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प्रतिनिधि, सीवान. सोमवार को उमसभरी ने लोगों को दिन भर बेचैन रखा. सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा जमा रहा. अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गयी, लेकिन इसके बावजूद उमस ने लोगों को खूब सताया. अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 28 सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान पुरवा हवा 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली. 80 फीसदी आर्द्रता के चलते उमस पर तेज हवा का प्रभाव नहीं रहा. शहर से लगायत ग्रामीण क्षेत्रों के लोग दिनभर चिपचिपाहट वाली गर्मी से परेशान रहे.कूलर-पंखे भी बेअसर साबित हुए. सड़कों पर भीड़-भाड़ कम दिखी और लोग घरों में ही दुबके रहने को मजबूर हुए. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर बादल छाये रहने से तापमान में गिरावट आती है और गर्मी से कुछ राहत मिलती है. लेकिन इस बार बादलों ने उमस को और बढ़ा दिया. हवा में नमी की अधिकता के कारण पसीना सूख नहीं रहा था. मानसून के सक्रिय होने का इंतजार लोगों को गर्मी से राहत के लिए मानसून के सक्रिय होने का इंतजार है.लोग अब जल्द से जल्द मॉनसूनी बारिश का इंतजार कर रहे है.जिससे उन्हें इस उमस भरी गर्मी से राहत मिल सके. हालांकि सोमवार के दिन आसमान में घिरे बादलों से लोगों को बारिश की उम्मीद जगी है. मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून के सक्रिय होने की आहट प्रारंभ हो गई है. वास्तविक मॉनसून के आगमन में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं. उम्मीद है कि मॉनसून की पहली बारिश ही लोगों को इस चिपचिपी और बेचैन कर देने वाली गर्मी से मुक्ति दिलायेगी. स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव इस तरह की उमस भरी गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. डिहाइड्रेशन, लू लगना और त्वचा संबंधी समस्याएं आम हो गयी है. चिकित्सकों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने और सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है. इसके अतिरिक्त, नींबू पानी, ओआरएस, और ताजे फलों का सेवन करने से शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद मिल सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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