सीवान मंडल कारा में टीबी जांच अभियान शुरू, एक हजार से अधिक बंदियों की होगी स्क्रीनिंग

Author Amarnath Sharma|Edited by Vivek Ranjan
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जेल में आयोजित मेडिकल कैंप में उपस्थित स्वास्थ्य एवं जेल के अधिकारी | Prabhat Khabar Network

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सीवान मंडल कारा में प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान को गति मिली है. यहां बंदियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है, जहां AI आधारित एक्स-रे मशीन से उनकी स्वास्थ्य जांच हो रही है. केवल टीबी ही नहीं, अन्य गंभीर बीमारियों की भी जांच की जा रही है.

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सीवान: प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए बुधवार से सीवान मंडल कारा में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर बंदियों की स्वास्थ्य जांच शुरू की गई. शिविर का उद्घाटन जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार एवं जेल अधीक्षक देवाशीष कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया. अभियान के तहत मंडल कारा में निरुद्ध एक हजार से अधिक बंदियों की चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य जांच की जाएगी.

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टीबी के साथ अन्य गंभीर बीमारियों की भी होगी जांच

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि शिविर में केवल टीबी ही नहीं, बल्कि एचआईवी, हेपेटाइटिस और सिफलिस जैसी गंभीर बीमारियों की भी जांच की जा रही है. जांच के लिए विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई एआई आधारित हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कम समय में अधिक लोगों की स्क्रीनिंग संभव हो रही है.

आधुनिक तकनीक से होगी टीबी की पुष्टि

उन्होंने बताया कि एक्स-रे में टीबी के लक्षण मिलने पर मरीज के स्प्यूटम की जांच सीबी-नैट (CB-NAAT) से की जाएगी. वहीं, जिनका एक्स-रे सामान्य रहेगा, उनके नमूनों की जांच ओपन आरटी-पीसीआर तकनीक से होगी. इस नई व्यवस्था से बिना स्पष्ट लक्षण वाले संभावित टीबी मरीजों की भी समय रहते पहचान कर उनका इलाज शुरू किया जा सकेगा.

357 हाई रिस्क गांवों में भी चलेगा विशेष अभियान

डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मंडल कारा के बाद जिले के 357 हाई रिस्क गांवों में भी विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर टीबी जांच अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत 14 अगस्त 2026 तक 3,43,763 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए प्रतिदिन 8,814 लोगों की जांच की जाएगी.

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल लक्षण वाले मरीजों की पहचान करना नहीं, बल्कि बिना लक्षण वाले संभावित टीबी मरीजों को भी समय रहते चिन्हित कर उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि जिले को जल्द टीबी मुक्त बनाया जा सके.

ये रहे मौजूद

शिविर में शैलेंदु कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक दीपक कुमार, रामसागर राम, विभूति भूषण, ओम प्रकाश एवं शोभा कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रशासन के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे.

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