सीवान जेल में बंद कैदी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
सदर अस्पताल में रोते बिलखते परिजन
Siwan Jail: सीवान जेल में बंद कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. परिजनों ने जेल प्रशासन पर मारपीट और इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है. मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा.
Siwan Jail: सीवान जेल में बंद मारपीट के आरोपी कैदी की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गयी. मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मर्दापुर पश्चिम टोला निवासी स्व. रामायण महतो के पुत्र विश्वनाथ चौहान के रूप में हुई है. घटना के बाद सदर अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मकान निर्माण के दौरान हुआ था विवाद
मृतक की पत्नी गायत्री देवी ने बताया कि परिवार की ओर से मकान का निर्माण कराया जा रहा था. इसी दौरान पाटीदारों के साथ विवाद शुरू हो गया और दोनों पक्षों में मारपीट हुई. उन्होंने बताया कि मारपीट में परिवार के कई लोग घायल हुए थे और उनके पति विश्वनाथ चौहान को भी गंभीर चोट लगी थी. इसी मामले में पाटीदारों की ओर से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
गायत्री देवी के अनुसार, 22 जुलाई को मुफस्सिल थाना पुलिस ने उनके पति विश्वनाथ चौहान को गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद से वह जेल में बंद थे. रविवार को परिजनों को उनकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली. जब वे अस्पताल पहुंचे तो विश्वनाथ चौहान की मौत हो चुकी थी.
जेल प्रशासन ने सांस लेने में परेशानी की बात कही
जेल प्रशासन के अनुसार, रविवार को अचानक विश्वनाथ चौहान को सांस लेने में परेशानी हुई. इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी दौरान उनकी मौत हो गयी. हालांकि, मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी.
परिजनों ने जेल में मारपीट का लगाया आरोप
सदर अस्पताल में मौजूद मृतक के परिजनों ने विश्वनाथ चौहान के साथ जेल में मारपीट किये जाने का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि जेल में मारपीट के बाद उन्हें उचित इलाज नहीं कराया गया, जिसके कारण उनकी मौत हुई. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि वे जब विश्वनाथ चौहान से मिलने जेल जाते थे, तो उन्हें मिलने नहीं दिया जाता था.
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा.
परिवार चलाने के लिए पलंबर का काम करता था
बताया जाता है कि विश्वनाथ चौहान परिवार के पालन-पोषण के लिए पलंबर का काम करता था. उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है. बच्चों के छोटे होने के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पति की मौत के बाद पत्नी गायत्री देवी बार-बार रोते हुए बेसुध हो जा रही थीं.
पटना में कराया जाएगा पोस्टमार्टम
जेल में बंद कैदी की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम पटना में कराये जाने की बात सामने आयी है. जेल कर्मियों के अनुसार, कैदी की मौत के बाद चिकित्सकों के बोर्ड की निगरानी में पटना में पोस्टमार्टम कराया जाता है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही जेल प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया की जायेगी.
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