सीवान की 5,927 बालिकाओं को मिलेगी HPV वैक्सीन की दूसरी खुराक, 31 अगस्त तक चलेगा अभियान

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एचपीवी वैक्सीन देती स्वास्थ्यकर्मी एवं उपस्थित अधिकारी(फाइल फोटो)

सीवान जिले की 5,927 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जाएगी. स्वास्थ्य विभाग 31 अगस्त 2026 तक एक विशेष अभियान चलाकर इन बालिकाओं का टीकाकरण पूरा करेगा.

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Siwan News: सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत जिले की 5,927 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जायेगी. पहली खुराक लेने के बाद दूसरी खुराक से वंचित रह गयी इन बालिकाओं को स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नित किया है. इनके टीकाकरण के लिए जिले में 31 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाया जायेगा.

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि पहली खुराक ले चुकी कोई भी पात्र बालिका दूसरी खुराक से वंचित न रहे. इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जायेंगे. आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी लाभार्थी बालिकाओं और उनके अभिभावकों से संपर्क कर दूसरी खुराक लेने के लिए प्रेरित करेंगे.

छह महीने के अंतराल पर दी जाती है दूसरी खुराक

सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन सर्वा वैक की दो खुराक छह महीने के अंतराल पर दी जा रही है. एचपीवी पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिले में दूसरी खुराक से वंचित 5,927 बालिकाओं की पहचान की गयी है.

राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर निर्धारित समय सीमा के भीतर दूसरी खुराक से छूटी लाभार्थी बालिकाओं का टीकाकरण पूरा कराने का निर्देश दिया है. इसके लिए जिलों को विशेष कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाने को कहा गया है.

एचपीवी संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण है टीका

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से यानी गर्भाशय ग्रीवा में होने वाला कैंसर है. इसका प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानी एचपीवी का लंबे समय तक संक्रमण माना जाता है. एचपीवी वैक्सीन शरीर में वायरस के उन प्रकारों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में मदद करता है, जो सर्वाइकल कैंसर सहित कुछ अन्य कैंसर से जुड़े हैं.

किशोरावस्था में एचपीवी के संपर्क में आने से पहले टीकाकरण को अधिक प्रभावी माना जाता है. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती चरण में कई बार स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते हैं. बाद में असामान्य योनि रक्तस्राव, संभोग के बाद रक्तस्राव, मासिक धर्म के बीच रक्तस्राव, असामान्य योनि स्राव या पेल्विक दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है.

बिहार में निःशुल्क मिल रहा एचपीवी टीका

मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत पात्र बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी टीका उपलब्ध कराया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग का जोर बीमारी के इलाज के बजाय समय रहते इसकी रोकथाम पर है. इसी उद्देश्य से बालिकाओं को कम उम्र में एचपीवी का टीका देकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने का प्रयास किया जा रहा है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दूसरी खुराक समय पर लेना टीकाकरण से मिलने वाली सुरक्षा को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है. विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि पहली खुराक ले चुकी पात्र बालिकाओं को निर्धारित समय पर दूसरी खुराक जरूर दिलाएं.

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अमरनाथ शर्मा

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By अमरनाथ शर्मा

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