सीवान में मूसलाधार बारिश से जलजमाव, सड़कों पर घुटनों तक पानी; नगर परिषद की व्यवस्था पर उठे सवाल

Updated:
विज्ञापन
फोटो. राजेंद्र पथ पर जल जमाव | Prabhat Khabar Network

फोटो. राजेंद्र पथ पर जल जमाव | Prabhat Khabar Network

सीवान में मॉनसून की पहली तेज बारिश ने नगर परिषद की तैयारियों की पोल खोल दी. शहर के प्रमुख मार्ग और निचले इलाके घुटनों तक पानी में डूब गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई. दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा.

विज्ञापन

Siwan News: सोमवार सुबह हुई मूसलाधार मॉनसून की बारिश ने सीवान नगर परिषद की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी. कुछ ही घंटों की बारिश के बाद शहर के प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में जलजमाव हो गया. कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई वाहन बीच सड़क पर बंद हो गए.

शहर की प्रमुख सड़कें बनीं तालाब

बारिश के बाद जेपी चौक से बबुनिया मोड़, शांतिवट वृक्ष से डीएवी मोड़, गौशाला रोड, बबुनिया रोड और सिसवन बस स्टैंड के बीच सड़कें जलमग्न हो गईं. कई जगहों पर एक से दो फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे पैदल चलना मुश्किल हो गया.

सुबह के समय स्कूल, कार्यालय और बाजार जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. दोपहिया और चारपहिया वाहनों को पानी के बीच धीरे-धीरे गुजरना पड़ा, जबकि कई बाइक और ई-रिक्शा बीच रास्ते में ही बंद हो गए.

बाजारों में भी भरा पानी, दुकानदारों की बढ़ी चिंता

बारिश के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में भी जलजमाव की स्थिति बन गई. सड़क किनारे स्थित कई दुकानों के सामने पानी भर गया. पानी का स्तर बढ़ने पर दुकानदार सामान को सुरक्षित स्थान पर रखने में जुट गए. कई दुकानों में पानी घुसने की नौबत आ गई.

व्यापारियों ने कहा कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है.

इन इलाकों में सबसे अधिक जलजमाव

बारिश के बाद मखदूम सराय, पुरानी किला, फतेहपुर, शिवाजी नगर, बिंदुसार, तरवारा मोड़, श्रद्धानंद बाजार और छपरा रोड समेत कई इलाकों में एक से तीन फीट तक पानी भर गया. निचले इलाकों में लोगों के घरों के बाहर भी पानी जमा रहा.

कई स्थानों पर नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे लोगों को उसी पानी से होकर गुजरना पड़ा.

स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर उठाए सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि मॉनसून से पहले नालियों की सफाई के दावे किए गए थे, लेकिन अधिकांश स्थानों पर सफाई अधूरी रह गई. कई नालियां आज भी गाद और कचरे से भरी हुई हैं, जिसके कारण बारिश होते ही नालियां ओवरफ्लो हो गईं और पानी सड़कों पर फैल गया.

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की समुचित सफाई और जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था की गई होती, तो शहर में इतनी गंभीर जलजमाव की स्थिति नहीं बनती.

दुर्घटना और बीमारियों का बढ़ा खतरा

जलजमाव के कारण सड़क पर बने गड्ढे पानी में छिप गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है. वहीं गंदे पानी और बदबू के कारण स्थानीय लोगों ने संक्रामक बीमारियों के फैलने की चिंता भी जताई है.

स्थायी समाधान की उठी मांग

स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से जलनिकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने, सभी नालियों की नियमित सफाई कराने और जलजमाव वाले इलाकों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है.

हालांकि नगर परिषद ने मॉनसून के बीच विभिन्न इलाकों में नालों की सफाई अभियान तेज करने की बात कही है, लेकिन लोगों का कहना है कि यदि यह कार्य बारिश शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाता तो शहरवासियों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती.

लगातार हो रही बारिश के बीच लोगों को आशंका है कि यदि जलनिकासी व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर के कई इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

इसे भी पढ़ें: 3936 करोड़ की लागत से खगड़िया-पूर्णिया हाईवे बनेगा फोरलेन, सिर्फ 2 घंटे में पूरा होगा सफर


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन