सीवान की आशा कार्यकर्ताओं के लिए पहल, 31 अगस्त तक खुलेगा ‘आशा घर’, छह बेड समेत मिलेंगी ये सुविधाएं
मॉडल सदर अस्पताल
Siwan ASHA Ghar : सीवान जिले में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण, बैठक और विभागीय गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने वाली हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 'आशा घर' स्थापित किए जाएंगे, जिनमें छह बेड, बैठक कक्ष और विश्राम की व्यवस्था होगी.
Siwan ASHA Ghar : सीवान जिले की आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण, मासिक बैठक और विभागीय गतिविधियों के लिए अब बेहतर सुविधाएं मिलने की तैयारी है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में ‘आशा घर’ स्थापित किए जाएंगे. राज्य स्वास्थ्य समिति ने 31 अगस्त 2026 तक आशा घर को संचालित कर उसकी तस्वीर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. यहां छह बेड समेत बैठक, विश्राम और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
31 अगस्त तक शुरू करना होगा आशा घर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में सीवान जिले में ‘आशा घर’ स्थापित किए जाएंगे. राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की ओर से सभी सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिवों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है. इसके तहत 31 अगस्त 2026 तक आशा घर को संचालित कर उसकी तस्वीर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
अस्पताल परिसर में बनेगा आशा घर
आशा घर के लिए जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में उपलब्ध उपयुक्त भवनों को चिन्हित किया जाएगा. इन्हीं भवनों में आवश्यक व्यवस्था कर आशा घर का संचालन किया जाएगा.
हर जिले को मिलेगी दो लाख रुपये की राशि
आशा घर की व्यवस्था के लिए प्रत्येक जिले को दो लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है. इसका उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण, मासिक बैठक, क्षमता संवर्धन और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक साझा स्थान उपलब्ध कराना है.
छह बेड के साथ बैठक कक्ष की सुविधा
आशा घर को महिला हितैषी और सुविधाजनक बनाने की योजना है. यहां कम से कम छह बेड की व्यवस्था होगी. इसके साथ सुरक्षित और पर्याप्त बैठक कक्ष भी बनाया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण और विभागीय बैठकों का आयोजन किया जा सके.
अलमारी से लेकर इलेक्ट्रिक केतली तक की व्यवस्था
आशा घर में स्टील की अलमारी, मेज-कुर्सी, रैक और लॉकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा ट्यूबलाइट, पंखे, इलेक्ट्रिक केतली और कूड़ेदान जैसी जरूरी सुविधाएं भी रखी जाएंगी.
शौचालय और स्नानघर की भी होगी सुविधा
आशा घर में संलग्न शौचालय और स्नानघर की व्यवस्था भी होगी. इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण और बैठक के दौरान अधिक सुविधाजनक वातावरण मिल सकेगा.
प्रशिक्षण और बैठकों के लिए सुरक्षित स्थान
आशा कार्यकर्ताओं के लिए यह स्थान प्रशिक्षण और मासिक बैठकों के साथ क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा. प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ता अपने अनुभव साझा कर सकेंगी और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को बेहतर तरीके से समझ सकेंगी.
संचालन और रखरखाव के लिए बनेगी समिति
आशा घर के नियमित संचालन और रखरखाव के लिए जिला स्तर पर संचालन समिति का गठन किया जाएगा. समिति भवन के उपयोग, साफ-सफाई, रखरखाव, प्रशिक्षण कार्यक्रम और बैठकों की निगरानी करेगी.
आशा फेसिलिटेटर और स्वास्थ्य पदाधिकारी करेंगे सहयोग
आशा घर के संचालन में आशा फेसिलिटेटर और संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारी सहयोग करेंगे. इनके माध्यम से प्रशिक्षण, बैठक और अन्य विभागीय गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी.
गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन, पोषण, गैर-संचारी रोगों की जांच और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है.
प्रशिक्षण केंद्र से आगे संसाधन केंद्र बनेगा आशा घर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘आशा घर’ को केवल प्रशिक्षण स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा. इसे आशा कार्यकर्ताओं के लिए स्थायी संसाधन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता, कार्यक्षमता और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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