रफ्तार बनी जानलेवा: सीतामढ़ी में महज पांच महीनों में 116 सड़क दुर्घटनाओं में 92 लोगों ने गंवाई जान

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सड़क दुर्घटनाओं में 92 लोगों ने गंवाई जान(AI PHOTO}

Sitamarhi Road Accident News: सीतामढ़ी जिले में सड़क हादसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जहां इस साल मई तक ही 92 लोगों की जान जा चुकी है. स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासन ने अब जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन किया है.

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Sitamarhi Road Accident News: सीतामढ़ी जिले में इन दिनों सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में डराने वाली बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. पिछले तीन वर्षो की तुलना में हादसों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जहां प्रति वर्ष औसतन दो सौ से अधिक सड़क दुर्घटनाएं प्रतिवेदित हो रही हैं. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला सड़क सुरक्षा समिति और अभियंत्रण विभाग एक्टिव हो गए हैं. परिवहन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष मई माह तक ही जिले में 116 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 92 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 52 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए है. फिलहाल केंद्रीय व राजकीय मापदंड के अनुरूप जिले में 33 ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित किए गए हैं, जहां सुरक्षात्मक कार्य जारी है.

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पिछले चार वर्षो के भीतर हुए हादसों

वर्षवार सड़क दुर्घटनाओं का डरावना आंकड़ा

वर्षकुल दुर्घटनाएंमौतेंजख्मी
2022256211159
2023246193153
2024259204137
2025257218140
पिछले चार वर्षो के भीतर हुए हादसों

सड़क सुरक्षा के लिए मिले कई नए प्रस्ताव

बढ़ते हादसों का विश्लेषण कर जिला सड़क सुरक्षा समिति को कई नए सुरक्षात्मक प्रस्ताव मिले हैं. इनमें सुरसंड-पुपरी सड़क में स्पीड ब्रेकर व साइनेज लगाना, सुरसंड में ऑटो स्टैंड का निर्माण, रुन्नीसैदपुर बाजार मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करना शामिल है. इसके अलावा टंडसपुर में बस स्टैंड निर्माण के लिए स्थल चयन तथा शंकर चौक व विश्वनाथपुर में ऑटो व ई-रिक्शा स्टैंड बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है.

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अंचलों में लंबित हैं हिट एंड रन मुआवजे के 168 अभिलेख

सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े हिट एंड रन के मामलों में प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है. विभिन्न अंचल कार्यालयों में 168 प्राथमिकी से संबंधित अभिलेख लंबे समय से लंबित हैं, जिसके कारण पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने में देरी हो रही है. परिवहन विभाग ने जून के प्रथम सप्ताह में 173 अभिलेख उपलब्ध कराए थे, जिनमें से मात्र 5 ही विभाग को वापस मिले हैं. वर्तमान में सीतामढ़ी अनुमंडल में 121, पुपरी में 37 और बेलसंड अनुमंडल क्षेत्र में 10 अभिलेख अटके हुए हैं. हालांकि, अब तक कुल 202 प्रस्ताव जीआईसी (GIC) को भेजे गए हैं, जिनमें से 144 आवेदकों को मुआवजा भुगतान मिल चुका है.

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डीएम की अध्यक्षता में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन

यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अतिक्रमण हटाने और नियमित निरीक्षण के लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में ‘जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स’ का गठन किया गया है. इसमें एसपी, डीडीसी, ट्रैफिक डीएसपी और सभी एसडीओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जबकि डीटीओ को इसका सदस्य सचिव बनाया गया है. डीटीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर लगातार वाहन जांच अभियान और हाईवे पर अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जा रहा है.

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