चीनी ऐप से मुजफ्फरपुर में आधा दर्जन E-Rickshaw की बैटरी हैक, बीच सड़क पर अचानक बंद हुई गाड़ियां

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चीनी ऐप से मुजफ्फरपुर में आधा दर्जन E-Rickshaw की बैटरी हैक

E Rickshaw Hacking: मुजफ्फरपुर में चीनी ऐप ‘बीटी-बीएमएस’ के जरिए ई-रिक्शा की लिथियम बैटरियों को हैक करने का नया मामला सामने आया है. शरारती तत्व बिना पासवर्ड वाले ब्लूटूथ से कनेक्ट कर बीच सड़क पर गाड़ियों की पावर सप्लाई बंद कर रहे हैं.

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E Rickshaw Hacking: राजधानी पटना के बाद अब मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के इलाकों में ई-रिक्शा चालकों के बीच एक अजीबोगरीब डर का माहौल बन गया है. सड़क पर फर्राटा भरते E-Rickshaw अचानक बिना किसी तकनीकी खराबी के बंद हो जा रहे हैं. शुरुआत में इसे मैकेनिक और चालक सामान्य खराबी मान रहे थे, लेकिन जांच में जो सनसनीखेज खुलासा हुआ है उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. दरअसल, यह कोई मैकेनिकल फॉल्ट नहीं, बल्कि एक चीनी मोबाइल ऐप के जरिये ई-रिक्शा की बैटरी को रिमोटली (दूर बैठे) बंद करने का खेल है. मुजफ्फरपुर के बैरिया, अखाड़ाघाट, छाता बाजार और कल्याणी चौक जैसे व्यस्त इलाकों में आधा दर्जन से अधिक ई-रिक्शा लॉक होने के मामले सामने आए हैं. हालांकि, शुक्रवार देर रात तक साइबर थाने में इसे लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.

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बीटी-बीएमएस’ चीनी ऐप का खेल, ऐसे हो रही है हैकिंग

इंटरनेट पर मौजूद एक चीनी ऐप जिसका नाम ‘बीटी-बीएमएस’ (BT-BMS) है, का इस्तेमाल कर कुछ शरारती तत्व और ठग इस वारदात को अंजाम दे रहे हैं. यह ऐप मूल रूप से लिथियम-आयन बैटरी की सेहत, चार्जिंग और वोल्टेज जांचने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर इसका गलत इस्तेमाल (मिसयूज) किया जा रहा है.

बिना पासवर्ड की ब्लूटूथ बैटरी को सेकंडों में कर रहे ब्लॉक

इस हैकिंग का तरीका बेहद आसान और चौंकाने वाला है. शरारती तत्व अपने फोन में इस चीनी ऐप को चालू कर लेते हैं. जैसे ही कोई असुरक्षित ब्लूटूथ वाली लिथियम बैटरी उनके फोन के ब्लूटूथ दायरे (रेंज) में आती है, यह ऐप उसे तुरंत स्कैन कर लेता है. बिना किसी पासवर्ड या सुरक्षा लेयर के यह ऐप बैटरी से कनेक्ट हो जाता है. इसके बाद ऐप में दिए गए ‘डिसचार्ज’ (Discharge) बटन को ऑफ कर दिया जाता है. बटन ऑफ होते ही बैटरी से ई-रिक्शा को मिलने वाली पावर सप्लाई पूरी तरह कट जाती है और गाड़ी बीच सड़क पर ही अचानक खड़ी हो जाती है.

लीड-एसिड बैटरी वाले वाहन और ब्रांडेड कंपनियां पूरी तरह सुरक्षित

इस नई डिजिटल हैकिंग के निशाने पर केवल वही ई-रिक्शा हैं जिनमें लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी लगी है और जिसका ब्लूटूथ सिस्टम बिना किसी पासवर्ड के काम कर रहा है. जिन ई-रिक्शा में पुरानी लीड-एसिड (तेजाब वाली) बैटरी लगी है, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं क्योंकि उनमें कोई डिजिटल या ब्लूटूथ ट्रैकिंग सिस्टम नहीं होता है. इसके अलावा, जिन ब्रांडेड कंपनियों ने अपनी लिथियम बैटरी में मजबूत पासवर्ड प्रोटेक्शन दिया है, उन्हें भी इस ऐप से कोई खतरा नहीं है. तकनीकी जानकारों ने ई-रिक्शा चालकों को सलाह दी है कि वे अपनी बैटरी के ब्लूटूथ का पासवर्ड तुरंत बदलवाएं या उसे सर्विस सेंटर जाकर ब्लॉक करवाएं ताकि कोई अन्य अज्ञात ऐप उससे कनेक्ट न हो सके.

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