Sitamarhi News: सीतामढ़ी के दो युवा बने सैकड़ों बच्चों की उम्मीद, श्रम से मुक्त कर दिलाई शिक्षा

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Child rights activists Manish Kumar and Mukund Kumar Chaudhary working to eliminate child labour and promote education in Sitamarhi.

बाल अधिकारों और बाल श्रम उन्मूलन के लिए कार्यरत मनीष कुमार एवं मुकुंद कुमार चौधरी

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर सीतामढ़ी के मनीष कुमार और मुकुंद कुमार चौधरी की कार्ययात्रा चर्चा में है. दोनों ने वर्षों से बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी के खिलाफ अभियान चलाकर सैकड़ों बच्चों को शिक्षा और सम्मान से जोड़ने का काम किया है. पढ़ें पूरी खबर..

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सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट

Sitamarhi News: “हर बच्चा सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और स्नेह का अधिकार रखता है” इसी संकल्प के साथ सीतामढ़ी में मनीष कुमार और मुकुंद कुमार चौधरी वर्षों से बाल श्रम उन्मूलन और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं. विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर दोनों की कार्ययात्रा समाज के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है.

16 वर्षों से बाल अधिकारों के लिए सक्रिय हैं मनीष

मनीष कुमार पिछले 16 वर्षों से बाल अधिकार, बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे हैं. उन्होंने विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक इकाइयों के सहयोग से बच्चों को शोषण से मुक्त कराने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया है.

हर सूचना पर तुरंत सक्रिय हो जाते हैं मुकुंद

मुकुंद कुमार चौधरी पिछले छह वर्षों से इस अभियान से जुड़े हैं. बच्चों के अधिकारों के हनन की सूचना मिलते ही वे समय और परिस्थिति की परवाह किए बिना मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार विरोध और दबाव का सामना करने के बावजूद उन्होंने बच्चों के हितों से कभी समझौता नहीं किया.

सैकड़ों बच्चों को दिलाई नई जिंदगी

दोनों कार्यकर्ताओं ने स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासन, पुलिस, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से सैकड़ों बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया है. इसके साथ ही उन्हें स्कूलों में नामांकित कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य भी किया गया है. उनका उद्देश्य केवल बच्चों को श्रम से मुक्त कराना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का अधिकार दिलाना भी है.

समाज के लिए प्रेरणा बना समर्पण

मनीष कुमार और मुकुंद कुमार चौधरी का कार्य यह साबित करता है कि यदि किसी व्यक्ति में समाज के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता हो, तो वह सैकड़ों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. दोनों की पहल बाल अधिकारों की रक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है.

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